भिवानी। जिले के गांवों में मानसूनी बारिश के दौरान जलभराव के मुद्दे पर हिसार से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश (जेपी) और भिवानी-महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद धर्मबीर आमने-सामने आ गए हैं। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में शुक्रवार को दोनों ही सांसद मौजूद थे और एक दूसरे को घेरने का प्रयास किया।
सांसद जयप्रकाश ने अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी वजह से घर और खेत पानी में डूब गए। भिवानी जिले में यह प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि प्रशासनिक आपदा है। उन्होंने बताया कि जिले में ड्रेनों की स्थिति जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे तब तक ठीक थी। इसके बाद बदले की भावना से कार्रवाई हो रही है या इस इलाके के किसानों को बर्बाद करने में लगे हुए हैं। क्योंकि दोबारा से कोई किनारा नहीं बांधा गया। इस कारण बाढ़ आई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए सिंचाई विभाग और सरकार दोषी है। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि 31 अक्तूबर तक पानी की निकासी का इंतजाम नहीं हुआ तो गेहूं की बिजाई संभव नहीं होगी।
इसके जवाब में सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि भिवानी जिले के गांवों में जलभराव हुआ है लेकिन इसके लिए हिसार और रोहतक क्षेत्र जिम्मेदार हैं। मुंढाल और आसपास का क्षेत्र हिसार में आता है। वहीं से पानी तोशाम क्षेत्र के सागवान और अन्य गांवों तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए पानी की निकासी और डिजाइन पर विशेष प्रयास किए जाएंगे। बैठक में दोनों सांसद जिले के विकास कार्यों पर अधिकारियों से मंथन करने आए थे, लेकिन जलभराव के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। सांसद धर्मबीर सिंह के पैतृक गांव तालू और आसपास के करीब 30 गांवों में बरसाती जलभराव हुआ था। लंबे समय तक इन गांवों से पानी की निकासी नहीं हो पाई थी।