शहर के नया बाजार बर्फ फैक्टरी के सामने 250 साल पुराने एक मंदिर की फिर से जमीन बिक्री करने का मामला सामने आया है। इस मामले की बुधवार को सीएम विंडो में शिकायत दी गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से 250 साल पुराने खारिया कुआं व मंदिर की जमीन पर भूमाफिया सक्रिय है।
उनका आरोप है कि 20 फरवरी को 22 वर्ग गज और 133.25 वर्ग गज की दो रजिस्ट्रियां की गई हैं, जो गलत हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पहले भी जमीन की रजिस्ट्रियां की गई थी। जिसकी सीएम विंडो में शिकायत दी थी, लेकिन इसके बावजूद फिर से अधिकारियों ने मिलीभगत कर मंदिर और धोलिया कुआं की जमीन बिक्री की है। इस जमीन पर 1992 में ही मंदिर के नाम डिक्री कर दी गई थी।
सीएम विंडो में मामले की शिकायत करने लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे हालुवास निवासी तेजपाल, ईश्वर सिंह मलिक, सुनील, मुकेश सिंह तंवर ने बताया कि नया बाजार मंदिर की जमीन को भूमाफिया अधिकारियों की मिलीभगत से बिक्री कर रहे हैं, जबकि इस जमीन को न्यायालय द्वारा 1992 में मंदिर के नाम डिक्री कर इसे खरीद-फरोख्त के दायरे से बाहर कर दिया था। जिला उपायुक्त कार्यालय ने भी इस जमीन को मंदिर की जमीन मानते हुए इसे बिक्री व खरीद न किए जाने के आदेश दिए हुए हैं। उन्होंने बताया कि निवर्तमान उपायुक्त ने 4 जुलाई 2019 को जमीन बिक्री न होने संबंधी आदेश दिए थे। इसके अलावा तेजपाल ने दीवानी अदालत में भी 2015 में ये मामला डाला था। जिसमें यथास्थिति के आदेश दिए हुए थे। तेजपाल का आरोप है कि 6 दिसंबर को सब रजिस्ट्रार द्वारा 245 वर्गगज की रजिस्ट्री 29 लाख 42 हजार रुपये में कर दी। जिस पर स्टॉप ड्यूटी भी दो लाख 59,500 रुपये दर्शाया गया है।
मंदिर के पुजारी ने भी खारिया कुआं की जमीन बेचने के लगाए गंभीर आरोप
पुजारी पंडित रामप्रताप ने बताया कि नया बाजार स्थित खारिया कुआं करीब ढाई सौ साल पुराना है और यहां पर चिमनलाल बुधराम पुराना मंदिर भी है। इस मंदिर की करीब पांच हजार वर्ग गज जगह है, जिसकी नगर परिषद में भी यूनिट एक्स 432 मंदिर चिमनलाल बुधराम के नाम से है। जबकि यूनिट एक्स 433 में चिमनलाल मंदिर के नाम ही है। इसमें कुछ अन्य लोगों के नाम भी इंद्राज किए हुए हैं। मगर एक महिला ने नगर परिषद अधिकारियों से मिलीभगत कर मंदिर की जगह में गलत तरीके से अपना नाम इंद्राज करा दिया और असेसमेंट में भी चढ़ा दिया था। इसके बाद महिला ने इस जमीन को ब्लड रिलेशन का हवाला देते हुए अपनी बेटी के नाम करा दिया था। इसके बाद बेटी ने इस जगह में 2650 वर्ग गज की जगह को जुलाई 2019 में 37 लाख छह हजार रुपये में बेच दी। जिसकी राजस्व विभाग ने रजिस्ट्री भी कर दी थी। भिवानी लोहड़ के अंतर्गत आने वाले नया बाजार मुख्य सड़क की करोड़ों रुपयों की जमीन पर अब भूमाफियाओं की नजर टिकी हुई है। जो धीरे धीरे जमीन की रजिस्ट्रियां कराकर बेच रहे हैं।
जमीन के मालिकाना हक के आधार पर ही रजिस्ट्री की गई है। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार ही रजिस्ट्री हुई है, जो मालिक है और जिसका कोई विवाद नहीं उसी जमीन को बिक्री किया गया है। इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है।
- मोहनलाल, तहसीलदार भिवानी तहसील