भिवानी। शहर के जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सर्दी में चल रही ठंडी हवा के कारण अस्थमा के मरीज बढ़ रहे हैं। शीतलहर लगातार अस्थमा के मरीजों पर कहर कर रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 75 मरीज ऐसे आते हैं, जो दमा, अस्थमा के रोगी हैं।
ओपीडी में अस्थमा के 35 से 60 आयु वर्ग के मरीज आ रहे हैं। सर्दी के मौसम में पड़ोसी राज्यों के पहाड़ों में हुई बर्फबारी के बाद जिले में शीतलहर का प्रकोप पिछले चार दिन से जारी है। इस हवा की चपेट में सबसे ज्यादा बुजुर्ग व अस्थमा के लोग आ रहे हैं। इस सर्दी के कारण बुजुर्गों व दमा, अस्थमा के मरीजों में खांसी, जुकाम व सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।
सर्दी के मौसम में चिकित्सक भी दमा, अस्थमा के मरीजों को बाहर सर्दी में नहीं घूमने की सलाह दे रहे हैं। सोमवार को शहर में अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री व न्यूनतम 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार ठंड बढ़ जाने के कारण सूर्योदय व सूर्यास्त के समय में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। शीतलहर चलने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉ. सुमन ने बताया कि सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को तकलीफ ज्यादा होती है। जो मरीज अस्थमा से पीड़ित हैं। वह ठंड से बचें और ठंडी खाद्य सामग्री से भी परहेज करें। ज्यादा दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में अस्थमा के मरीज आ रहे हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- सांस रोगी दवा की पर्याप्त खुराक लें।
- इनहेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें।
- धूल वाली जगह पर जाने पर मास्क लगाएं।
- सुबह शाम शीतलहर में सैर करने से बचें।
- ठंडी खाद्य सामग्री खाने से परहेज करें।
- चिकित्सक से नियमित जांच करवाते रहें।