भिवानी। जिले में शुक्रवार को हुई बारिश के बाद 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही शीतलहर के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। मौसम में आए बदलाव और ठिठुरन भरी ठंड के कारण लोगों में गले में दर्द के साथ-साथ कानों में संक्रमण की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
शीतलहर की चपेट में आने से लोगों को कानों में रूखापन, दर्द, सनसनाहट और भारीपन की शिकायत हो रही है। इसके साथ ही गले में दर्द की समस्या भी आम होती जा रही है। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में प्रतिदिन शीतलहर से प्रभावित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में ईएनटी रोग विशेषज्ञ के पास रोजाना 100 से 120 मरीज आ रहे हैं। इनमें सभी आयु वर्ग के मरीज शामिल हैं लेकिन फिलहाल अधिकतर मरीज कान और गले के संक्रमण से पीड़ित पाए जा रहे हैं।
चिकित्सक मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में कार्यरत ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम महता ने बताया कि शीतलहर के कारण कान की नली में सूखापन आ जाता है जिससे बैक्टीरिया पनपने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में कानों को ढककर रखें और यदि शीतलहर तेज गति से चल रही हो तो गर्म कपड़ों से कान ढककर ही बाहर निकलें। विशेषज्ञ ने कहा कि बिना चिकित्सक की सलाह के कान में किसी प्रकार का तेल या दवा न डालें। गले में दर्द होने पर नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करें। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें जबकि ठंडी खाद्य सामग्री से दूरी बनाए रखें।