भिवानी। राज्य में बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के बाद सक्रिय हुई शीतलहर का असर अब लोगों की आंखों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ठंडी हवाओं की सीधी चपेट में आने से आंखों की पुतलियां नमी खो रही हैं जिसके चलते आंखों में पानी आना, सूखापन, लालिमा और खुजली जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में नेत्र रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत ने बताया कि आंखें शरीर का अत्यंत संवेदनशील अंग हैं और शीतलहर के दौरान इन्हें विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 50 मरीज आंखों में पानी आने और सूखापन की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
डॉ. हरजीत ने बताया कि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से आंखों में नमी कम हो जाती है जिससे यह परेशानी उत्पन्न होती है। मरीजों को स्थिति के अनुसार दवाइयां दी जा रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर चश्मा लगाने की भी सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें ताकि आंखों को ठंडी हवा से बचाया जा सके। हीटर के बहुत नजदीक बैठने से भी बचना चाहिए और चिकित्सक की सलाह के बिना आंखों में किसी भी प्रकार की दवा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।