सर्द हवाओं ने ठिठूरा तो सरसों पर जमने लगी ओस की बूंदे...। तापमान लगातार गिर रहा है। मंगलवार सुबह न्?
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चांग। लगातार एक सप्ताह से पड़ रहे घने कोहरे से जीवन की पटरी ठहरने लगी है। मंगलवार की सुबह लोग बिस्तरों से उठे घने कोहरे से रूबरू होना पड़ा। लहरों के प्रकोप ने तो अलाव का असर भी कम कर दिया। शीत लहरों व कोहरे के कारण मंगलवार को पिछले दिनों की अपेक्षाकृत काफी ठंडा रहा। जिले में मंगलवार को अधिकतम तापमान 12.3 डिग्री से बढ़कर 14.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री से लुढ़कर 4.4 डिग्री दर्ज हुआ, जिसमें 1.1 डिग्री की गिरावट आई है। इस सीजन में अब तक मंगलवार को सबसे अधिक ठंड रही।
ठंड बढ़ने से अधिकतर लोग घरों में कैद होकर रह गए, जिससे आम आदमी का जीवन रुक सा गया। मौसम की यह पहली कड़ाके की ठंड मानी जा रही है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी अधिक ठंड पडे़गी। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी व गिरते पारे से प्रतिदिन पारा गिरता जा रहा है। ठंड जहां गेहूं की खेती के लिए वरदान साबित हो रही है, वहीं झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए बढ़ती ठंड अभिशाप साबित हो रही है।
ग्रामीण राजू रंगा, रविंद्र गाबा, नरेश संभ्रवाल, निश्चल इत्यादि ने बताया कि बढ़ती ठंड के कारण बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ने लगे हैं। मंगलवार को सुबह से ही घने कोहरे के कारण बसों में यात्रा करने वाले दैनिक यात्री भी न के बराबर ही बस स्टैंड पर दिखाई दिए। ज्यादातर लोग अपने घरों में अलाव जलाकर व हीटर आदि उपकरणों का प्रयोग करके अपने आप को ठंड से बचाने का प्रयास करते रहे। सड़कों और बाजारों में भी बाइक और अन्य दोपहिया वाहन न के बराबर चलते दिखाई दिए।
10 दिन के तापमान की जानकारी
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
27 दिसंबर 14.9 4.4
26 दिसंबर 12.3 5.5
25 दिसंबर 15 5.3
24 दिसंबर 15 8.5
23 दिसंबर 13.6 6.0
22 दिसंबर 15.5 6.2
21 दिसंबर 15.7 6.4
20 दिसंबर 20.2 6.6
19 दिसंबर 20.0 6.1
18 दिसंबर 23.1 6.9
लगातार ठंड बढ़ रही है, जिसके कारण गेहूं की फसल में काफी फायदा है। इस मौसम में किसान अपनी फसलों में सिंचाई करते रहे ताकि पाला न जमें और फसलों में नुकसान न हो। साथ ही आवश्यकता के अनुसार उर्वरक का छिड़काव अवश्य करें।
- डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उप निदेशक, भिवानी।