मुख्यमंत्री के साथ हुई वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद अधिकारी व अन्य। संवाद न्यूज एजेंसी
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भिवानी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आजादी के संग्राम में गांव रोहनात के योगदान व बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। यहां के बहादुर वीरों ने सीने पर गोलियां खाकर देश की आजादी में अपनी अहम भूमिका निभाई है। गांव रोहनात में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद की अपने आपको गुलाम समझने वाले गांव वासियों की पीड़ा को उन्होंने समझा और सबसे शहीदी दिवस के अवसर पर 23 मार्च 2018 को गांव में तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि गांव में हर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण होना चाहिए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गांव की फ्रीडम ट्रस्ट की गवर्निंग ट्रस्टीज की बैठक में अपना संदेश दे रहे थे। इस दौरान उपायुक्त अजय कुमार ने आजादी के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वामी बीरड़ दास बैरागी के वंशज एवं पौत्र आत्माराम को मुख्यमंत्री की ओर से शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आत्माराम और गांव की सरपंच रीनू बूरा को बधाई दी। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव में विकास कार्यों पर प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले गांव रोहनात के बलिदानियों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने से पहले गांव रोहनात के बलिदान की अनदेखी होती रही। मुख्यमंत्री ने गांव की सरपंच रीनू बूरा और उनके पति रविंद्र से बात की। मुख्यमंत्री ने गांव ग्रामीणों का हालचाल भी जाना और कहा कि शहीदों का मान-सम्मान लौटाना ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। मुख्यमंत्री ने सरपंच से कहा कि वे गांव को स्वच्छता के मामले में अव्वल स्थान पर लाएं।