भिवानी। रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने धावा बोल दिया। उड़नदस्ते में शामिल अधिकारियों ने नप कार्यालय में सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की उपस्थिति जांची। इस दौरान छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लेट पहुंचे, जबकि चार क्लर्क कार्यालय से गैर हाजिर पाए गए। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की कार्रवाई से लेट लतीफ कार्यालय आने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कार्यालय में लेट आने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने उच्चाधिकारियों को भेज दी।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक के इंस्पेक्टर सुलतान सिंह, सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार, सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह, सब इंस्पेक्टर अनूप, नरेंद्र और विनोद की टीम मंगलवार सुबह नप कार्यालय में पहुंची। टीम ने ठीक नौ बजते ही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने वाला हाजिरी रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान रजिस्टर में लगी हाजिरी वाले कर्मचारियों की उपस्थिति भी जांची गई। इसके लिए सीएम फ्लाइंग के सभी सदस्य एक-एक कमरे में पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों की सूची बनाई। जिसके बाद गैर हाजिर रहने वाले कर्मचारियों का खाका भी तैयार हुआ। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम की भनक लगते ही कई नप कर्मचारी बाद में आफिस पहुंचे और लेट आने के पीछे सफाई देते नजर आए। नप कार्यालय में नौ बजकर 40 मिनट तक कर्मचारियों के आने का सिलसिला चला।
आम तौर पर लेट आने वाले नप अधिकारी मिले हाजिर
आम तौर पर नगर परिषद कार्यालय में देरी से आने वाले नप अधिकारी मंगलवार को सीएम उड़नदस्ते की कार्रवाई के दौरान हाजिर मिले। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय यादव अपने कार्यालय में मौजूद थे। जबकि म्यूनिसिपल इंजीनियर और जेई विद्यानगर कॉलोनी में एक फिल्ड सर्वे के लिए गए हुए थे, जो फोन पर सीएम फ्लाइंग अधिकारियों की बात होते ही कार्यालय में तुरंत हाजिर हो गए। नप अधिकारियों के सीट पर नहीं मिलने से लोग भी इधर-उधर भटकते रहते हैं।
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काफी समय से सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों व अधिकारियों के दफ्तर में मौजूद न होने की शिकायतें मिल रही थी। इसलिए कार्यालय में आने वाले लोग कर्मचारियों के सीट पर नहीं मिलने से परेशान हो रहे थे। इसी को लेकर टीम ने नगर परिषद में कर्मचारियों की उपस्थिति जांची है। जिसमें छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लेट पहुंचे और चार क्लर्क गैर हाजिर पाए गए हैं। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। अब सभी सरकारी विभागों में नियमित रूप से कर्मचारियों व अधिकारियों की उपस्थिति जांची जाएगी।
- सुनील कुमार, सब इंस्पेक्टर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम।