सीएम फ्लाइंग ने मंगलवार सुबह शहर के सिविल अस्पताल की नब्ज टटोलने के लिए औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम सदस्यों को सिविल अस्पताल में कुछ अनियमितताएं मिली। इनमें सबसे बड़ी समस्या अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की है। इसके अलावा कुछ दवाओं के स्टॉक में कमी पाई गई।
करीब सवा घंटे के निरीक्षण के दौरान टीम को काफी खामियां नजर आई लेकिन इन्हें सार्वजनिक करने से टीम सदस्यों ने मना कर दिया। निरीक्षण करने पहुंची टीम सदस्यों की माने तो इस संबंध में जिला उपायुक्त विजय कुमार सिधप्पा को एक-दो दिन में ही इन खामियों की रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। इसके अलावा अस्पताल की जरूरतों को भी टीम सदस्य स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ होने वाली बैठक में रखेंगे। सीएम फ्लाइंग के अस्पताल परिसर में रहने तक स्टाफ सदस्यों में हड़कंप मचा रहा और वो अनियमितताओं को दुरुस्त करने में जुटे रहे।
जानकारी के अनुसार शहर के सिविल अस्पताल में इन दिनों चिकित्सकों से लेकर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों तक की भारी कमी बनी हुई है। विभागीय कर्मचारियों की माने तो महज एक चतुर्थ श्रेणी ही अस्पताल की साफ-सफाई संबंधी व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए नियुक्त है जबकि अस्पताल परिसर के दायरे को देखते हुए यह न के बराबर है। सिविल अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान पहले भी खामियां सामने आई है। इन खामियों की रिपोर्ट तो हर बार तैयार की गई लेकिन इन पर सुधार नहीं हो पाया।
पिछले सप्ताह विधायक राजदीप फौगाट के औचक निरीक्षण के दौरान भी कर्मचारियों की लापरवाही व स्वास्थ्य सेवाओं की कमी सामने आई थी। इस निरीक्षण को चार-पांच दिन हो चुके हैं और मंगलवार को पीजीआई की टीम स्वास्थ्य सेवाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लेने सिविल अस्पताल पहुंच गई। करीब पौने दस बजे पहुंची टीम ने हर एक कक्ष में जाकर सुविधाओं व खामियों का जायजा लिया।
पीजीआई के चिकित्सक प्रीतेव सिंह व महिला चिकित्सक ज्योति के नेतृत्व में टीम सिविल अस्पताल पहुंचेे। सबसे पहले टीम ने अस्पताल परिसर में लगे स्वास्थ्य योजनाओं संबंधी बोर्डों का निरीक्षण किया। यहां हालात ठीक ठाक ही नजर आए। इसके बाद टीम सदस्य इमरजैंसी कक्ष में पहुंचे।
यहां पहुंचकर उन्होंने औजारों, दवाईयों व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एकाएक टीम के इमरजैंसी कक्ष में एंट्री मारते ही अस्पताल में तैनात कर्मचारी हक्के-बक्के रह गए। इसके बाद टीम ने ब्लड स्टोरेज कक्ष, ब्लड टैस्ट रूम, अल्ट्रासाउंड कक्ष का भी निरीक्षण किया। इसके बाद महिला प्रसुति विभाग, जनरल वार्डों के निरीक्षण के साथ-साथ टीम सदस्यों ने मरीजों से बातचीत कर अस्पताल की अव्यवस्थाओं की जानकारी हासिल की।
हर निरीक्षण में बायोमेडिकल वेस्ट की मिलती है कमी
सिविल अस्पताल प्रशासन प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के निर्देशानुसार बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करता। हर बार के औचक निरीक्षण में यह खामी आगे आती है। दो दफा एसडीएम विजेंद्र हुड्डा तो एक-एक बार बाढड़ा विधायक सुखविंद्र मांढ़ी व दादरी विधायक राजदीप फौगाट के औचक निरीक्षण में भी यह अनियमितता सामने आई है। मंगलवार को सीएम फ्लाइंग को भी यही माजरा देखने को मिला। मीडिया से रूबरू होते हुए फ्लाइंग सदस्यों ने इस मसले पर तो अपनी चुप्पी भी तोड़ी। इसके अलावा उन्होंने कुछ अनियमितताएं सामने आने की बात तो कही लेकिन इसे सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया।
डीसी के पास पहुंचेगी खामियों की रिपोर्ट
टीम का नेतृत्व करने वाले डॉ प्रीतेव सिंह से जब पत्रकारों ने सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों को लेकर बातचीत की तो उन्होंने इस संदर्भ में फिलहाल कुछ न बता पाने की बात कही। टीम सदस्यों ने केवल इतना बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां सामने जरूर आई हैं लेकिन इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त करवा दिया जाएगा। टीम सदस्य डॉ प्रीतेश ने कहा कि वीरवार तक इन खामियों की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों वे दादरी जिला उपायुक्त को हम भेज देंगे। डॉ प्रीतेव सिंह ने बताया कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य जल्द से जल्द खामियों व जरूरतों का पता लगाकर इनका समाधान करवाना है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों व जरूरतों से स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया जाएगा। इस संबंध में उनकी स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक होनी है और इसमें वो उन्हें अस्पताल के हालात से अवगत कराएंगे।
मरीजों ने भी टीम को गिनवा दी समस्याएं
अस्पताल परिसर में जब सीएम फ्लाइंग आने की बात मरीजों को पता चली तो मरीज भी टीम सदस्यों को ढूंढ़ते नजर आए। इस दौरान कुछेक मरीजों ने तो अस्पताल के मौजूदा हालातों के चलते आ रही परेशानियों से भी टीम सदस्यों को अवगत करवाया। एक मरीज ने एंटी रैबिज के इंजेक्शन अस्पताल स्टॉक में न होने की बात कही। इनके अलावा कुछेक मरीजों ने अस्पताल परिसर में गहराए बिजली संकट से भी टीम सदस्यों को अवगत करवाया। इस दौरान अस्पताल परिसर में जनरेटर की कमी होने की बात भी सामने आई। वहीं, मरीजों ने चिकित्सकों की कमी की समस्या भी टीम के सामने रखी।
प्रसूति वार्ड में बिताया टीम ने सबसे अधिक समय
टीम सदस्या डॉ ज्योति ने अस्पताल पहुंचने के बाद महिला प्रसूति वार्ड का निरीक्षण भी किया। इस दौरान डॉ प्रीतेव सिंह भी उनके साथ थे। टीम सदस्यों ने इस वार्ड में करीब 15 से 20 मिनट का समय व्यतीत किया। इस दौरान उन्होंने जच्चा-बच्चा कक्ष में भर्ती महिलाओं से बातचीत कर समस्याओं से संबंधित पूछताछ की। इस दौरान महिलाओं ने बत्ती गुल रहने से बंद पड़े पंखों की समस्या टीम के सामने रखी। सूत्रों की मानें तो टीम ने यहां का रिकॉर्ड भी चैक किया है। इसके अलावा भी कुछेक अन्य कमियां टीम को यहां मिली है।
वर्जन::
कुछेक खामियां औचक निरीक्षण के दौरान हमें मिली है। इनमें सबसे अधिक बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की समस्या है। जल्द ही इन खामियों की रिपोर्ट तैयार जिला उपायुक्त को हम भेज देंगे। ज्यादातर खामियां ऐसी हैं जो बहुत जल्द दूर करवा दी जाएगी। सरकार के आदेशों पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
डॉ प्रीतेव सिंह, पीजीआई चिकित्सक व टीम सदस्य