सीएमओ कार्यालय के सामने बने पार्क के अंदर पार्क में सूख रही चादरों पर आराम फरमा रहे बेसहारा कुत्त
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सामान्य अस्पताल में जिन चादरों पर मरीज लेटकर उपचार लेते हैं, उन चादरों पर पहले कुत्ते न केवल आराम करते हैं बल्कि शौच भी करते हैं। यह नजारा हर रोज सिविल सर्जन कार्यालय के सामने बने पार्क में आसानी से देखा जा सकता है। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा गहरा गया है।
दरअसल, सामान्य अस्पताल की लॉन्ड्री में पिछले कुछ माह से समस्या बनी है। पुरानी मशीनों को करीब तीन माह पहले नीलाम किया जा चुका है और अब साढ़े तीन सौ बेड के अस्पताल की सभी चादरों को घरेलू वाशिंग मशीनों में धोकर ओपन पार्क में सुखाया जा रहा है, जहां दिनभर कुत्ते इन पर आराम फरमाते हैं और बंदर अठखेलियां करते हैं।
सामान्य अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य से ही खिलवाड़ हो रहा है। जिला सामान्य अस्पताल की लॉन्ड्री में तीन माह पहले ही अस्पताल स्थापना के समय लगी जर्जर हाल मशीनें नीलाम कर दी गई। इसके बाद अब चादरों की धुलाई का काम छोटी घरेलू वाशिंग मशीनों के जरिये किया जा रहा है। लेकिन एक साथ 350 बेड के जिला सामान्य अस्पताल में चादरों व ऑपरेशन थियेटर में इस्तेमाल किए गए कपड़ों की धुलाई का जिम्मा आने से व्यवस्था भी जवाब दे गई है। धुलाई के बाद इन चादरों को सुखाने की बड़ी समस्या है। कर्मचारी चादरों को सुखाने के लिए पार्क में खुले में फैला रहे हैं। जहां कुत्ते इन पर आराम फरमाते हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन द्वारा लॉन्ड्री के अंदर तीन दशक पुरानी जर्जर हाल मशीनरी नीलाम किए जाने के साथ ही नई मशीनरी की डिमांड भी स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजी गई थी। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा मशीनों की खरीद के बजट और मशीनरी उपलब्ध कराने की दिशा में मामला अटका हुआ है। यही वजह है कि 350 बेड के जिला सामान्य अस्पताल से रोजाना ही पांच सौ से सात सौ चादरें व अन्य ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए कपड़े धुलाई के लिए लॉन्ड्री में भेजे जा रहे हैं। मगर इनकी धुलाई का काम भी छोटी घरेलू मशीनों से संभव नहीं हो पा रहा है।
ऑपरेशन, इमरजेंसी और जच्चा-बच्चा को ज्यादा खतरा : विशेषज्ञों की माने तो ऑपरेशन किए हुए मरीज, जच्चा-बच्चा के प्रयोग होने वाली चादरों और इमरजेंसी में आने वाले घायलों के लिए प्रयोग की जाने वाली चादरों का बेहतर तरीके से साफ होना जरूरी है। अन्यथा संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में अस्पताल में मरीजों पर संक्रमण के खतरे का बड़ा अंदेशा है।
यह मामला मेरे संज्ञान में अब आया है। जल्दी ही व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। लॉन्ड्री में जल्दी ही नई मशीन आने वाली हैं। संबंधित अधिकारियों को इस बारे में दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, कार्यकारी, पीएमओ, जिला सामान्य अस्पताल