भिवानी। तेजी से विकसित हो रही अनधिकृत कॉलोनियों ने शहर के विकास की राह रोक दी है। डेवलपमेंट प्लान-2025 की अवधि खत्म हो चुकी है जबकि डेवलपमेंट प्लान-2041 अभी तक अटका हुआ है।
इसका असर शहर के सुनियोजित विकास और भविष्य की आधारभूत संरचना पर पड़ रहा है। नगर योजनाकार विभाग के 2025 के प्लान में जिन स्थानों पर चौड़ी सड़कें प्रस्तावित थीं वहां अब अनधिकृत कॉलोनियां और मकान बस चुके हैं। ऐसे में प्रस्तावित सड़क नेटवर्क को जमीन पर उतारना मुश्किल हो गया है।
शहरी क्षेत्र को सुनियोजित तरीके से विकसित करने के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग डेवलपमेंट प्लान तैयार करता है। भिवानी के लिए 2025 की नियोजन अवधि बीत चुकी है और शहर के भविष्य को दिशा देने वाला डेवलपमेंट प्लान-2041 अभी हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के सार्वजनिक अधिसूचना रिकॉर्ड में अंतिम विकास योजना के रूप में उपलब्ध नहीं है।
विभाग की वेबसाइट पर भी डेवलपमेंट प्लान-2041 उपलब्ध नहीं है। शहर की आबादी, सड़कें, आवासीय क्षेत्र, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और नगर सीमाएं लगातार बदल रही हैं। ऐसे में सवाल है कि 2025 के बाद शहर के विकास की योजना किस ढांचे के आधार पर तैयार की जा रही है। नए डेवलपमेंट प्लान पर मुख्यालय की ओर से भी आपत्ति लगाई गई है। इससे इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ने में देरी हो रही है।
नगर परिषद के बाहरी दायरे में ये नौ कॉलोनियां हो चुकी हैं अधिकृत : शहरी दायरे में नगर परिषद ने डेवलपमेंट प्लान-2025 के बाद करीब नौ कॉलोनियों को अधिकृत किया है। इनमें यूसी-10, यूसी-15, यूसी-16, यूसी-16ए, यूसी-17ए, यूसी-17बी, यूसी-27ए, यूसी-22 और यूसी-6 शामिल हैं। यूसी यानी अनधिकृत कॉलोनी के अधिकृत होने के बाद 2041 का डेवलपमेंट प्लान मानचित्र पर आने पर ही इन कॉलोनियों में जनसुविधाओं का नियोजित विस्तार हो सकेगा।