भिवानी। सामान्य अस्पताल में बच्चों की अदला-बदली न हो इसके लिए बच्चों को अब पिंक बैंड बांधे जाएंगे। बैंड के अंदर ही बच्चे की पूरी जानकारी, रजिस्ट्रेशन नंबर होगा। बच्चों के लिए ही नहीं अन्य मरीजों के भी दूसरे रंग के बैंड होंगे। अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए भेजे गए पौने दो करोड़ के प्रपोजल मंजूरी कर लिए गए है और पहली किस्त के तौर पर करीब साढ़े 12 लाख की ग्रांट रिलीज की गई। मार्च तक स्वास्थ्य विभाग को ये व्यवस्थाएं बनानी है।
सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में वर्ष 2014 में बच्चों की अदला-बदली हो गई थी। दोनों बच्चों और उनके माता-पिता का डीएनए टेस्ट करवाया गया। जिसके बाद साफ हुआ कि बच्चों की अदला-बदली हुई थी। फिलहाल बच्चों के पांव में निशान बनाया जाता है। अब भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था बनाई। इसी व्यवस्था के तहत अब नवजात बच्चों को पिंक बैंड बांधे जाएंगे। जिससे बच्चों की पहचान आसानी से हो सकेगी।
सामान्य अस्पताल में मूलभूत व्यवस्थाएं बनाने के लिए नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत पौने दो करोड़ के प्रपोजल तैयार कर भेजे गए थे। जिसमें अस्पताल में सफाई, उपकरणों की देखरेख, मेडिकल वेस्ट का सही तरीके से नष्ट करने बाबत थे। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने ये प्रपोजल मंजूर कर दिये है। मंजूरी के साथ 12 लाख 16 हजार की ग्रांट भी रिलीज की गई है। जिसके तहत अब ये काम करवाये जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में क्वालिटी मैनेजर डॉ. नवीन कोकचा ने बताया कि मार्च से पहले-पहले ये व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। बैंड से मरीजों की सही पहचान हो सकेगी।
ये होंगे काम
बच्चों, मरीजों के लिए बैंड के साथ अस्पताल में फिसलन वाले फर्श की जगह मैट, कमरों का तापमान मेंटेन करने के लिए उपकरण लगाने, अस्पताल में जगह जगह जागरूकता पोस्टर लगाने, शौचालय की हालत सुधारने, साफ सफाई की व्यवस्था करने की योजना है।
वर्जन:::
सामान्य अस्पताल में मरीजों को बेहतर व्यवस्था देने के लिए प्रयास किए जा रहे है। अस्पताल में साफ सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत प्रपोजल भेजा गया था।
डॉ. रघुवीर शांडिल्य, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सामान्य अस्पताल