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Bhiwani News: शिशु देखभाल गृह में बच्चों की हो रही बेहतर परवरिश

Fri, 31 May 2024 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। सेवा, सुरक्षा और सहयोग की सार्थकता के लिए ड्यूटी निभाने वाले दंपती के बच्चों की देखभाल के लिए पुलिस प्रशासन ने पुलिस लाइन में शिशु देखभाल गृह खोल दिया है। इस शिशु गृह में बच्चों की बेहतर परवरिश हो रही है। फिलहाल यहां पर केवल पुलिस लाइन में रह रहे बच्चे ही आ रहे हैं।
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शिशु देखरेख गृह को एडीजीपी केके राव और पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला की उपस्थिति में पांच दिसंबर 2023 को पुलिस लाइन में आरंभ किया गया था। यहां पर छह साल से कम आयु वाले बच्चों को अभिभावक छोड़ सकते हैं। शिशु देखरेख गृह में करीब 25 से 30 बच्चे रोजाना आते हैं। विभाग में कामताजी महिलाओं के लिए काफी बेहतर सुविधा है। अब वे बेफ्रिक होकर बच्चों को छोड़कर ड्यूटी कर सकती हैं।
खेल-खेल में बहुत कुछ सीख रहे बच्चे
शिशु देख रहे गृह में सुबह 9 बजे से लेकर शाम को 5 बजे तक बच्चे रहते हैं। दीवारों को विभिन्न प्रकार की चित्रों से सुसज्जित किया है। इससे बच्चे कुछ न कुछ सीख भी रहे हैं। जैसे की शिशु गृह के दीवारों पर ट्रैफिक लाइट, फलों, सब्जियों, जानवरों के नाम और दिन एवं महीनों के नाम चित्र समेत बनाए गए हैं। इसी के साथ बच्चों को खेलने के लिए विभिन्न प्रकार के खिलौने भी उपलब्ध करवाए गए हैं। छोटे-छोटे बच्चे खेल खेल में ही बहुत कुछ सीख भी रहे हैं।
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एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से भी लैस
शिशु देखरेख गृह में ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसका लिंक व्हाट्सएप पर अभिभावकों को भेज दिया जाता है। उस लिंक के जरिये अभिभावक अपने बच्चों को देख सकते हैं कि वह वहां पर कैसे खेल रहे हैं क्या कर रहे हैं। यह बहुत ही अच्छी सुविधा है, जिससे माता-पिता दूर रहकर भी अपने बच्चों पर नजर रख सकते हैं।
सोने के लिए भी सुविधा
खेलते-खेलते अगर कोई बच्चा सो जाए तो उनके सोने का भी वहां पर एक अलग कमरा बनाया गया है। इसमें सोने का पूरा प्रबंध है। गद्दे और तकिये लगे हुए हैं जहां पर बच्चे आराम से सो सकते हैं। यह कह सकते हैं कि शिशु देखरेख ग्रह में बच्चों को घर जैसा माहौल ही उपलब्ध करवाया जा रहा है।
खाने में मिल रहा है सेहतमंद भोजन
बच्चों को खाने में दलिया, खिचड़ी, हलवा, अंकुरित चने, अंकुरित मूंग और बीटा घी बच्चों को दिया जाता है। अगर कोई माता-पिता अपने बच्चों को कुछ अलग से खिलाना चाहे तो वह दे जाते हैं।
पुलिस प्रशासन की तरफ से किया कार्य काफी सराहनीय है। हम यहां बच्चों को घर जैसे माहौल के साथ ही रखते हैं। अपने बच्चों की तरह ही इन बच्चों की देखरेख करते हैं।


- मुनेष, महिला कांस्टेबल।
पुलिस प्रशासन आम जनता की सुरक्षा के लिए तो काम करता ही है, साथ ही पुलिस कर्मचारियों के वेलफेयर के लिए भी बेहतर कदम उठा रहा है। शिशु गृह में एडवांस तकनीक से बच्चों की देखभाल की जा रही है, किसी भी समय अपने बच्चे की गतिविधि के बारे में कोई भी अभिभावक अपने मोबाइल फोन में देख सकता है। इसलिए उन्हें व्हाट्सअप पर सीसीटीवी का लिंक दिया गया है।
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-वरुण सिंगला पुलिस अधीक्षक भिवानी।
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