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बालिकाओं के विकास में बाधक बाल विवाह : कुसुम मलिक

Thu, 28 Nov 2024 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के अभियान तोशाम में मौजूद महिलाएं। 
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तोशाम। बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के लिए 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव गांव जाकर बाल विवाह रोकने संबंधी उपाय बता रहे हैं। वह बाल विवाह के बुरे परिणामों के बारे ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की शपथ भी दिलवाई जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने तोशाम, गांव लक्ष्मणपुरा और गांव आलमपुर में यह अभियान चलाया गया। वहां मौजूद ग्रामीण महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायक और विद्यालय स्टाफ को शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर पर्यवेक्षक कुसुम मलिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुकेश, सुलोचना, सुशीला, रेखा आदि मौजूद थीं।
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बाल विवाह से आजादी की ली शपथ



बहल। गांव हरियावास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला हरियावास ने महिलाओं और किशोरियों को बाल विवाह से आजादी की शपथ दिलाई। पर्यवेक्षक वंदना के मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए अपराधों को रोकने की शपथ ली। उन्होंने कहा कि कम उम्र में शादी सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध है। हम प्रण करते हैं कि इसकी रोकथाम के लिए हम हरसंभव प्रयास करेंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला हरियावास ने कहा कि कम उम्र में शादी होने से बचपन और पढ़ने का हक छिन जाता है। बाल विवाह बचपन पर प्रहार है। इस अवसर पर गांव सिधनवा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजबाला, रामरती, राजकुमारी, सुनीता, सहायक सुनीता, प्रेमा, रोशनी, कमला, सुंदर आदि मौजूद रहे।
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