भिवानी। भिवानी-महम मुख्य मार्ग पर शहर से मात्र छह किलोमीटर दूर गांव कालुवास के समीप चौधरी बंसीलाल हवाई पट्टी का अब जल्द विस्तार होने जा रहा है। इसी को लेकर सरकार की तरफ से गांव गुजरानी और नाथुवास की करीब 207 एकड़ भूमि अधिग्रहण किए जाने का नोटिस जारी हुआ है। भिवानी की हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के बाद यहां पर बड़े और मालवाहक जहाज भी उतारना संभव हो पाएगा।
हालांकि 80 के दशक में पूर्व मुख्यमंत्री चौ बंसीलाल द्वारा बनवाई गई भिवानी की हवाई पट्टी पर हाल ही में विस्तारीकरण का काम भी हुआ है। जिसमें हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, गार्ड रूम व कैफीट एरिया बनाया गया है। फिलहाल यहां एयर क्राफ्ट उड़ाने का ट्रेनिंग स्कूल चल रहा है।
भिवानी-महम मुख्य मार्ग पर गांव कालुवास के समीप गुजरानी गांव की करीब 128 एकड़ भूमि पर हवाई पट्टी 1975 में बनाई गई थी। शुरुआत में 1070 मीटर लंबा रनवे बनाया गया और एक हैंगर का निर्माण हुआ। इस रनवे को 17 करोड़ 37 लाख का बजट खर्च कर 190 मीटर और अधिक लंबा किया जा चुका है। अब भिवानी हवाई पट्टी का रनवे की लंबाई 1260 मीटर हो गई है।
पीडब्ल्यूडी ने जून 2024 में 9 करोड़ 40 लाख के बजट से हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के तहत हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, कैफीट एरिया व गार्ड रूम निर्माण का काम शुरू किया था जो अब पूरा हो चुका है। हवाई पट्टी विस्तारीकरण के प्रथम चरण के दौरान 1070 मीटर के रनवे को बढ़ाकर 1260 मीटर लंबाई तक विस्तार दिए जाने के बाद रनवे पर अब छोटे हवाई जहाज व एयरक्राफ्ट के अलावा मध्यम दर्जे के विमान भी उतारे जा सकते हैं। हालांकि हवाई पट्टी को कंटेनर टर्मिनल में विकसित करने की प्रारंभिक सभी मूलभूत सुविधाएं यहां उपलब्ध कराई गई हैं, अगर कार्गो टर्मिनल की डीपीआर तैयार होती है तो आने वाले समय में यहां मालवाहक विमान भी उतारे जा सकते हैं। संवाद
किरण ने हवाई पट्टी को कंटेनर टर्मिनल के तौर पर विकसित करने की उठाई है मांग
राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी ने राज्यसभा में भिवानी हवाई पट्टी को कंटेनर टर्मिनल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई थी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया था कि भिवानी हवाई पट्टी को अत्याधुनिक कार्गो टर्मिनल में बदलने के लिए एक विस्तृत डीपीआर तैयार करवाई जाए और उसके निर्माण के लिए सरकार द्वारा बजट अलॉट किया जाए। इससे हरियाणा की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में और बाधाओं को कम करते हुए भारत को वैश्विक व्यापार लीडर के रूप में स्थापित करेगा।
नेशनल हाईवे के जरिए देश के अन्य हिस्सों से जुड़ चुका है भिवानी
भिवानी जिला नेशनल हाईवे के जरिए देश के अन्य हिस्सों से सीधा जुड़ चुका है। यहां सड़क की बेहतरीन कनेक्टिविटी भी बन गई है। भिवानी एनएच-9, एनएच-148बी और एनएच-709ए सहित कई राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिए दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और गुजरात से जोड़ते हैं। अगर कार्गो टर्मिनल की बात सिरे चढ़ती है तो भिवानी जिला व्यापारिक तौर पर भी काफी तरक्की करेगा और आयात व निर्यात भी तेजी से होगा।
हवाई पट्टी पर चल रहा फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल
गुरुग्राम की एफएसटीसी यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल का संचालन कर रही है। इसमें करीब 100 भिवानी सहित अन्य प्रांतों के करीब सौ युवा यहां 200 घंटे तक एयर क्राफ्ट और छोटे हवाई जहाज उड़ान भरने का कॉमर्शियल लाइसेंस यानी बेसिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन युवाओं को किसी भी एयर फ्लाइट कंपनी में जॉब के लिए कॉमर्शियल लाइसेंस अनिवार्य है। इसके बाद ही ये पायलट बनने के लिए हैवी ड्यूटी जहाज उड़ान का प्रशिक्षण हासिल कर पाएंगे।
भिवानी की हवाई पट्टी का विस्तार को लेकर भूमि अधिग्रहण संबंधी नोटिस सरकार की तरफ से जारी किया गया है। इसमें कुल 207 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए 1615 कनाल 14 मरले भूमि गांव गुजरानी की है और 38 कनाल 2 मरले भूमि गांव नाथुवास की शामिल है। संबंधित किसानों से भूमि का अधिग्रहण होना है। हवाई पट्टी के विस्तार से आसपास के इलाके का तेजी से विकास होगा और जिले के लिए नए व्यापारिक द्वार भी खुलेंगे।
-आशीष बैनीवाल, प्रधान सरपंच एसोसिएशन, भिवानी।