गिरफ्तारी की मांग को लेकर सात गांवों की पंचायत
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गांव मौड़ी में सात गांवों की पंचायत आयोजित की गई जिसमें कुछ साधुओं द्वारा गांव के चरवाहे से मारपीट करने पर कड़ा रोष प्रकट किया गया। पंचायत ने साधुओं द्वारा गांव की जमीन में रखी लोहे की तारों (बाड़) को हटवाए जाने की मांग की है। पंचायत ने निर्णय लिया कि साधुओं से इस बारे में किसी प्रकार की अनुग्रह राशि नहीं ली जाएगी।
गांव मौड़ी के कार्यवाहक सरपंच इंद्रजीत सिंह ने बताया कि कुछ रोज पहले गांव मौड़ी निवासी चरवाहा गांव कपूरी की पहाड़ी के समीप भेड़-बकरियां चरा रहा था। यहां साधुओं ने आसपास बाड़ के रूप में लोहे की तारें लगा रखी हैं। बकरियां इन तारें के नीचे से दूसरी पार घुस गई थी। इस पर साधुओं ने चरवाहे कृष्ण से मारपीट की। कृष्ण पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था जिससे उसे काफी चोटें आई थी उसे सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
इंद्रजीत ने बताया कि इस संबंध में गांव के लोगों ने डीसी सौंपा भी शिकायत पत्र सौंपा था। कार्यवाहक सरपंच इंद्रजीत ने बताया कि इसे लेकर मंगलवार को गांव मौड़ी में सात गांवों की पंचायत हुई जिसमें गांव मौड़ी के अलावा महराणा, टिकान, ढाणी फौगाट, घसोला , खेड़ी सनवाल व रामनगर के ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत में इस मारपीट की घटना पर गहरा रोष प्रकट किया गया। कार्यवाहक सरपंच इंद्रजीत ने बताया कि पंचायत में गांव मौड़ी की जमीन में साधुओं द्वारा लगा रखे लोहे के तारे हटवाने की मांग की गई। पंचायत में मांग की गई कि साधुओं द्वारा घटना के संबंध में माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा पंचायत ने निर्णय लिया कि साधुओं से इस बारे में किसी प्रकार की कोई अनुग्रह एवं सहायत राशि नहीं ली जाएगी। पंचायत में पूर्व सरपंच किला सिंह, रामनगर सरपंच राजीव यादव, सरपंच आजाद ङ्क्षसह, पूर्व सरपंच रणबीर, ताराचंद, धर्मबीर, भगत सिंह, बबलू, आशाराम,पंच सतपाल, नरेश, सज्जन, राजेश आदि मौजूद थे।