चरखी दादरी में नगर परिषद से बिना नक्शे पास करवाए बिल्डिंग बनाने वाले भू-मालिकों पर अब गाज गिर सकती है। नप अधिकारियों ने शहर की आधा दर्जन से अधिक कालोनियों में बनाई जा रही बिल्डिंगों को सील करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से पहले नप अधिकारियों ने इन्हें नोटिस थमा दिए हैं। अगर अब भी इन बिल्डिंग मालिकों ने नक्शा पास करवाने की जहमत नहीं उठाई तो फिर सील के साथ-साथ नप अधिकारी इन्हें कोर्ट में भी ले जा सकते हैं। आगामी पूरी प्रक्रिया का खाका तैयार कर लिया गया है। नगर परिषद यह कार्रवाई हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा 208 के तहत कर रहा है।
चरखी दादरी के प्रदेश का 22वां जिला बनते ही कालोनियों का विस्तार भी होने लगा है। अगर बीते दो माह की बात करें तो करीब सौ से अधिक बिल्डिंग शहर में नव निर्माणाधीन कार्य शुरू हुआ है। इनमें से ज्यादातर ऐसी है जिन्होंने निर्माण कार्य से पहले नप से नक्शा ही पास नहीं करवाया है। नप अधिकारी अपने खजाने को बढ़ाने के लिए इन बिल्डिंग मालिकों पर नजर टेढ़ी किए हुए हैं। इसके तहत नोटिस तैयार कर इन बिल्डिंग मालिकों को सौंपे जा रहे हैं। प्रथम चरण में नगर परिषद ने करीब 80 नोटिस तैयार किए हैं। इनमें से 90 प्रतिशत तो अब तक बिल्डिंग मालिकों को थमाएं भी जा चुके हैं। अगर निर्धारित 15 दिन के अंदर नप के आदेशों पर इन मालिकों ने अमल नहीं किया तो फिर बिल्डिंग सील भी हो सकती है।
कमर्शियल व रेजीडेंशियल सेक्टर के बिल्डिंग मालिकों को भेजे नोटिस::
नगर परिषद की टीम ने ऐसी बिल्डिंगों को चयनित कर लिया है जिन्हें बनाने की कवायद बिना नक्शे पास करवाए ही शुरू की हुई है। शहर के पूर्ण नगर, झज्जर घाटी, चंपापुरी, महेंद्रगढ़ बाईपास सहित करीब आधा दर्जन कालोनियों के 80 बिल्डिंग मालिकों को नप अधिकारी नोटिस दे चुके हैं। नक्शा पास करवाने के लिए आवेदन हेतु इन्हें नियमानुसार 15 दिन का समय दिया गया है। नप ने जिन्हें नोटिस थमाएं हैं उनमें रेजीडेंशियल व कमर्शियल दोनों तरह की बिल्डिंग शामिल हैं।
208(ए) के तहत नप कर सकती है बिल्डिंग सील
हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा 208 के तहत बिल्डिंग मालिकों को नप ने नोटिस थमाए हैं। करीब छह माह पहले ही सरकार ने नगर परिषद को एक्ट की धारा 208(ए) के तहत बिल्डिंग सील की पावर भी दे दी है। अगर नोटिस के बाद भी बिल्डिंग मालिक नक्शे के लिए आवेदन नहीं करते और निर्माण कार्य जारी रखते हैं तो नप अधिकारी कोर्ट में केस डालने से पहले भी इन बिल्डिंगों को सील कर सकते हैं। इसके लिए नप को जिला उपायुक्त से मंजूरी लेनी होगी।
25 लाख तक खजाने में होगी बढ़ोतरी
नप की बिल्डिंग ब्रांच अधिकारियों ने बताया कि शहर में नव निर्माणाधीन कमर्शियल व रेजीडेंशियल दोनों सेक्टरों के बिल्डिंग मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं। रेजीडेंशियल सेक्टर के लिए 120 रुपये प्रति वर्ग गज तो कमर्शियल सेक्टर के लिए 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर रेट के हिसाब से मालिकों को नक्शा पास करवाने की एवज में जमा करवाने होंगे। अधिकारियों ने बताया कि जिन 80 बिल्डिंग मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं अगर वो नक्शा पास करवाने के लिए आवेदन करते हैं तो इससे खजाने में 20 से 25 लाख रुपये की बढ़ोतरी होगी और इससे शहर में विकास का खाका तैयार किया जाएगा।
हमने 80 बिल्डिंग मालिकों को नोटिस दिए हैं। इन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद जिला उपायुक्त से मंजूरी लेकर बिल्डिंग सील करने के साथ-साथ कोर्ट में केस फाइल करेंगे। अगर तय समय पर बिल्डिंग मालिक नक्शे के लिए आवेदन करते है तो 20 से 25 लाख खजाने में जमा होंगे।
अनिल मलिक, बिल्डिंग इंस्पेक्टर