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सफाई न होने पर कर्मचारियों की होगी छुट्टी, अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

Fri, 02 Jun 2017 02:06 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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कूड़े से अटा पड़ा डस्टबिन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर परिषद कार्यालय में एसडीएम सफाई और शहर की समस्याओं और अन्य मुद्दों को लेकर अधिकारियों पर जमकर बरसे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों प्रशासन सीधी छुट्टी की जाएगी। इसके अलावा जनता और शहर की समस्याओं को समय पर पूरा न करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
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एसडीएम वीरवार को पर्यावरण दिवस की तैयारियों के संबंध में आयोजित पार्षदों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चार दिन से सफाई न होने के कारण उनके और डीएसपी के घर के आगे कूड़े के ढेर लगे हैं तो शहर का क्या हाल होगा। इस दौरान बैठक में सफाई कर्मचारियों की बात सामने आने पर  नगर परिषद सचिव संजय यादव ने बताया कि प्रावधान के मुताबिक 400 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी होना जरूरी है।

शहर में इसके मुताबिक कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त है। फिर भी हमने पार्षदों की मांग पर जिला उपायुक्त को इस संबंध में पत्र लिखा है। उनकी सहमति आने के बाद भी ये प्रक्रिया सिरे चढ़ाई जाएगी। बैठक में जन प्रतिनिधियों ने सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी होने का कारण नप के एकमात्र डंपिंग प्वाइंट की चारदीवारी का मसला भी ठंडे बस्ते में पड़ा होना माना। इस पर एसडीएम ओमप्रकाश सिंह ने तहसीलदार राजकुमार अरोड़ा को तुरंत प्रभाव से पैमाइश कार्य पूरा कराने के आदेश दिए।
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 प्रधानमंत्री के पर्यावरण दिवस पर स्वच्छता मुहिम चलाने के आदेश से अफसरशाही व जन प्रतिनिधियों की सफाई व्यवस्था के प्रति गंभीरता कुुछ हद तक नजर आई। जब शहर की सफाई व्यवस्था का मामला उठा तो पार्षदों से लेकर एसडीएम तक की टीस बहार आ गई। अब अफसरशाही लापरवाह कर्मचारियों को आड़े हाथों लेने की तैयारी में है। अब अपने काम से मुंह मोड़ने वाले कर्मचारियों की प्रशासन सीधी छुट्टी भी करेगा। एसडीएम ने इसके निर्देश नप सचिव व चेयरमैन को दे दिए हैं।

नगर परिषद अधिकारी शहर में कूड़े का उठान करने वाले पांच ट्रैक्टरों के चक्कर बढ़ाने की तैयार में भी है। सफाई शाखा के कर्मचारी दो शिफ्टों में अब कूड़े का उठान जल्द ही शुरू करेंगे। शहर के सभी वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ हर वार्ड में एक सोशल कमेटी गठन करने की प्लानिंग भी जन प्रतिनिधियों व प्रशासन ने तैयार की है। ये प्लानिंग पर्यावरण दिवस मनाने को लेकर आयोजित की गई बैठक में तैयार की गई। वार्ड नंबर दो के पार्षद महेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने ऐसी एक कमेटी गठित कर रखी है और वो कमेटी ही निजी सफाई कर्मचारी का वेतनमान अदा करती है। इस बैठक में एसडीएम ओमप्रकाश ने अन्य पार्षदों को भी इसी तर्ज पर कमेटी गठित करने का सुझाव दिया, जिसे सभी ने मान लिया। अब जल्द ही सभी 21 वार्डों में एक सोशल कमेटी गठित की जाएगी।  एसडीएम ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि अकेले सफाई कर्मचारियों की भर्ती से सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हम सबको इसमें योगदान देना होगा।      
             
नप कार्यकारिणी के एक साल में सफाई व्यवस्था रही है जीरो: पार्षद महेश गुप्ता                        
वार्ड दो के पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि नप कार्यकारिणी गठित हुए करीब एक साल हो चुका है और अब भी शहर की सफाई व्यवस्था जीरो है। वार्डों में सफाई कर्मचारियों व डस्टबिनों की भारी कमी है। जनसंख्या के मुताबिक किसी भी वार्ड में सफाई कर्मचारी नहीं है। कई-कई दिनों तक कूड़े का उठान नहीं होता। इसके अलावा डिमांड के बाद भी डस्टबिन नहीं मिले हैं।    
         
वार्डों में एकसमान नियुक्त नहीं है सफाई कर्मचारी: पार्षद कुलदीप गांधी            
वार्ड नंबर 18 पार्षद कुलदीप गांधी का कहना है कि मेरे वार्ड में न तो डिमांड के मुताबिक डस्टबिन व सफाई कर्मचारी नहीं है। नप अधिकारियों को दोनों ही मांगों से मैं कई दफा अवगत करवा चुका हूं। डस्टबिन कूड़े से अटे रहते हैं और सफाई कर्मचारी नियमित रूप से इन्हें खाली नहीं करते। सबसे पहले तो सभी वार्डों में एक समान कर्मचारी नियुक्त होने चाहिए। डस्टबिनों से कूड़े का उठान नियमित करवाने के साथ-साथ अधिकारियों को तंग गलियों में छोटे डस्टबिन रखवाने चाहिए।    
        
70 डस्टबिनों का नहीं कर रहे अधिकारी वितरण: उप प्रधान दीपक श्योराण      
कुरुक्षेत्र से डस्टबिनों की खेप तो मंगवा ली गई है लेकिन अधिकारी इन्हें बांट ही नहीं रहे। तीन माह पहले सौ डस्टबिन मंगवाए गए थे। अब तक इनमें महज 25 से 30 ही वार्डों में रखवाए गए है। हर वार्ड पार्षदों ने डस्टबिनों की डिमांड अधिकारियों को सौंप रखी है लेकिन इसके बाद भी कोई गौर नहीं किया जा रहा। डस्टबिन का एक समान वितरण अब नप अधिकारियों को करना चाहिए।  
    
शहर में पॉलिथीन का प्रयोग प्रशासन को करना चाहिए बैन: पार्षद दिनेश जांगड़ा      
वार्ड नंबर चार के पार्षद दिनेश जांगड़ा का कहना है कि सीवरेज व सफाई व्यवस्था के चौपट होने का कारण पॉलिथीन का प्रयोग है। प्रशासन को पॉलीथिन प्रयोग पर बैन लगाते हुए आदेशों की अवहेलना करने वालों पर जुर्माना लगाना चाहिए। मैंने एसडीएम साहब के सामने भी ये सुझाव दिया है और उन्होंने इस पर कार्रवाई करने के आदेश भी दिए हैं। पॉलीथिन बैन होने पर शहर की सफाई व्यवस्था में काफी हद तक सुधार नजर आएगा।


जो प्रावधान है उसमें 400 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी होना जरूरी है। शहर में तो इसके मुताबिक कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त है। फिर भी हमने पार्षदों की मांग पर जिला उपायुक्त को इस संबंध में पत्र लिखा है। उनकी सहमति आने के बाद भी यह प्रक्रिया सिरे चढ़ाई जाएगी। करीब 35 कर्मचारियों की भर्ती डीसी की स्वीकृति मिलने के बाद की जाएगी।
 संजय यादव, सचिव, नगर परिषद

 सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों प्रशासन सीधी छुट्टी की जाएगी। इसके अलावा जनता और शहर की समस्याओं को समय पर पूरा न करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी। नप के एकमात्र डंपिंग प्वाइंट की चारदीवारी     के संबंध में तहसीलदार राजकुमार अरोड़ा को तुरंत प्रभाव से पैमाइश कार्य पूरा कराने के आदेश दे दिए हैं। जल्द ही इस समस्या का समाधान भी हो जाएगा।         
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ओमप्रकाश सिंह, एसडीएम
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