भिवानी। चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी ने विभिन्न कोर्साें की फीस घटाते हुए विद्यार्थियों को आर्थिक राहत दी है। दरअसल प्रदेश की सातों यूनिवर्सिटी की फीस संबंधित बैठक के बाद फीस घटाई गई है। करीब 16 कोर्सों की फीस तीन से पांच हजार रुपये तक घटाई गई है। फीस वृद्धि का पिछले दो साल से विरोध कर रहे विद्यार्थियों ने खुशी मनाई।
चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी में दो साल पहले फीस तय करते समय अन्य यूनिवर्सिटी के मुकाबले सभी कोर्सों की फीस अधिक तय की गई थी। विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया। पिछले दिनों प्रदेश की सातों यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और फाइनेंसर ऑफिसर की संयुक्त बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने की। बैठक में विभिन्न कोर्सों के फीस स्ट्रक्टचर पर भी विचार-विमर्श किया गया। सभी ने प्रोफेशनल कोर्सेज, साइंस कोर्सेंज, सामान्य कोर्सेंज की फीस का स्ट्रक्चर एक करने पर विचार विमर्श किया और इसका प्रपोजल सरकार के पास भेजा गया। अन्य यूनिवर्सिटी का तो अभी तय नहीं हो पाया मगर चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी ने मीटिंग में सभी यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों द्वारा तैयार फीस स्ट्रक्चर को स्वीकार करते हुए लागू कर दिया है। नए फीस स्ट्रक्टचर के बाद करीब 16 कोर्सों की फीस तीन से पांच हजार रुपये तक घट गई है वहीं तीन कोर्स ऐसे भी है, जिनकी फीस बढ़ी।
ज्योग्राफी, साइकोलॉजी, एमएसडब्ल्यू कोर्स हुए महंगे
एमएससी ज्योग्राफी, एमएससी साइकोनोलोजी और एमएसडब्ल्यू कोर्स महंगे हो गए है। पहले इन कोर्सों की फीस आठ हजार रुपये निर्धारित थी। अब दो हजार रुपये प्रति कोर्स फीस बढ़ाते हुए 10 हजार रुपये फीस निर्धारित की गई है।
किस कोर्स की क्या निर्धारित की गई फीस
कोर्स फीस पहले अब
एम. कॉम 10 हजार 08 हजार
एमएससी ज्योग्राफी 10 हजार 08 हजार
एमए इको 08 हजार 05 हजार
एमए इंग्लिश 08 हजार 05 हजार
इतिहास 08 हजार 05 हजार
पॉल्टीकल साइंस 08 हजार 05 हजार
एमजेएमसी 10 हजार 06 हजार
एमएससी बायोटेक 15 हजार 10 हजार
एमएससी बॉटनी 15 हजार 10 हजार
एमएससी जूलोजी 15 हजार 10 हजार
कैमेस्ट्री 15 हजार 10 हजार
एम फार्मा 40 हजार 36 हजार
एमबीए 40 हजार 35 हजार
वर्जन:::
प्रदेश की सभी सातों यूनिवर्सिटी की बैठक में कोर्सों की फीस के बारे में विचार-विमर्श किया गया था। सभी सदस्यों द्वारा तैयार फीस स्ट्रक्चर को अपनाया गया है। इससे कई कोर्सों की फीस कम हुई है। जिससे विद्यार्थियों को फायदा होगा।
भगवानदास, रजिस्ट्रार
चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी