भिवानी। आडिट की आपत्ति के बाद चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) प्रशासन ने नए परिसर के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया है। सात साल में वैपकोस कंपनी को 31 किस्तों में 182.77 करोड़ रुपये का एडवांस भुगतान हो चुका है जिस पर ब्याज संबंधी आपत्ति भी सामने आई है।
गांव प्रेमनगर स्थित सीबीएलयू के नए परिसर में भवन निर्माण का काम चल रहा है। दो खंड बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि तीसरे खंड का निर्माण अंतिम चरण में है। भवन निर्माण का काम वैपकोस कंपनी को सौंपा गया है और कंपनी को सात जुलाई 2019 से 27 मार्च 2025 के बीच 31 किस्तों में भुगतान किया गया है।
आडिट में 3.50 करोड़ रुपये के भवन निर्माण संबंधी भुगतान के अलावा 12.40 लाख रुपये के एडवांस भुगतान पर ब्याज बैंक खाते में जमा नहीं कराने को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ये आपत्तियां पहले तैनात अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान हुईं। हालांकि अब प्रशासन ने कार्य की निगरानी के लिए विशेष अधिकारी की नियुक्ति की है।
सरकार की अनुमति के बाद ही कराया जाएगा कार्य
विशेष अधिकारी की जिम्मेदारी संबंधित कार्य के लिए सरकार से अनुमति लेकर उसे शुरू कराने की रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि आडिट की आपत्तियों का जवाब दाखिल किया जा चुका है। सात साल के दौरान निर्माण एजेंसी को अधिकांश भुगतान एडवांस में किए जाने के बाद अब सामने आई ब्याज संबंधी आपत्ति अधिकारियों के लिए चुनौती बनी हुई है।
आडिट की आपत्तियों का जवाब भेजा : कुलगुरु
आडिट की आपत्तियों का जवाब भेजा जा चुका है। सीबीएलयू में विशेष अधिकारी की नियुक्ति की है। सरकार से अनुमति के बाद ही कार्य कराए गए हैं। भविष्य में इस तरह की दिक्कतें न हो इसके लिए संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी रहेगी। -प्रो. दीप्ति धर्माणी, कुलगुरु सीबीएलयू, भिवानी।