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री-अपीयर परीक्षाएं शुरू, 20 फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित

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एमएनएस कॉलेज के परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों का एडमिट कार्ड चेक करते प्रोफेसर जगबीर मान। ? - फोटो : Bhiwani
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पिछले लंबे समय से चल रही स्नातक, स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं और री-अपीयर परीक्षाएं होंगी या नहीं की कशमकश आखिरकार वीरवार को खत्म हो गई। वीरवार को भिवानी-चरखी दादरी जिलों के कॉलेजों में स्नातकोत्तर री-अपीयर की परीक्षाएं शुरू हुई। कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं इस माहौल में परीक्षा कराना स्टाफ के लिए भी चुनौती भरा रहा। सभी परीक्षार्थियों को सैनिटाइज करने और मास्क लगाने के बाद ही प्रवेश मिला। लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर 10 से 20 फीसदी तक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
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वीरवार सुबह आठ बजे ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों में पहुंचने लगे थे। सभी कॉलेजों में परीक्षार्थियों को पहले सैनिटाइज किया गया। जिन परीक्षार्थियों के पास मास्क नहीं थे, उन्हें मास्क दिए गए। कुछ परीक्षार्थियों ने रूमाल बांधा तो कुछ छात्राओं ने चुन्नी बांधकर ही काम चलाया। परीक्षा दो घंटे की रही। परीक्षा के बाद कुछ के चेहरे खिले थे तो कुछ के निराश। कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि पढ़ाई में लंबा गैप आ गया था। परीक्षा कराने की आधिकारिक सूचना और परीक्षा तिथियों में समय कम रहा जबकि पहले घोषणा की गई थी कि परीक्षाएं नहीं होंगी और सभी को प्रमोट किया जाएगा। इस कारण अधिकतर परीक्षार्थी नियमित पढ़ाई से दूर थे।
एक-एक कमरे में 20 से अधिक परीक्षार्थी
शहर के कुछ कॉलेजों में कोविड-19 के तहत यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइंस की भी धज्जियां उड़ी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी कॉलेज प्रिंसिपल को निर्देश दिए है कि एक कमरे में 20 से अधिक परीक्षार्थी न हो और सभी में सामुदायिक दूरी रहे। मगर कुछ कॉलेजों में एक-एक कमरे में परीक्षार्थी भी 20 से ज्यादा रहे और सामुदायिक दूरी भी गायब रही।
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धर्म सेना कार्यकर्ताओं ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
कोरोना वायरस संक्रमण के बीच सीबीएलयू की ओर से अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के संचालन को लेकर धर्म सेना के पदाधिकारियों ने वीरवार को सीबीएलयू प्रशासन व सांसद धर्मबीर सिंह को मांग पत्र सौंपा और परीक्षाएं नहीं कराने की मांग उठाई।
सीबीएलयू के वाइस चांसलर आरके मित्तल व सांसद धर्मबीर सिंह को मांग पत्र सौंपे जाने पर धर्म सेना आईटी सेल जिला अध्यक्ष प्रदीप काटिया ने कहा कि कोरोना काल में कोई भी मंत्री, विधायक व आमजन सुरक्षित नहीं है। कोई भी यूनिवर्सिटी छात्रों के पेपर नहीं करवा रही है परंतु सीबीएलयू छात्रों के पेपर करवाने पर उतारू है। सीबीएलयू सरकार द्वारा जारी हिदायतों की अनदेखी कर रही है। इस महामारी के कारण छात्रों के फाइनल ईयर के पेपर नहीं लिए जाए। उन्होंने सीबीएलयू को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग नहीं मानी तो धर्म सेना भूख हड़ताल पर बैठेगी। इस अवसर पर हरिओम तंवर, लोकेश शर्मा, नुकूल श्योराण, रविंद्र, राहुल शर्मा, निखिल अहलावत उपस्थित थे।
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