विद्यार्थियों के विरोध के बीच चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं लेने की तैयारी कर ली है। ये परीक्षाएं एक सितंबर से शुरू होंगी। इस बारे में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. पवन गुप्ता नेे नोटिफिकेशन जारी की और भिवानी, चरखी दादरी के सीबीएलयू से संबंधित सभी कॉलेज के स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए शेड्यूल बनाया।
कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पिछले करीब पांच माह से सभी कॉलेज, यूनिवर्सिटी बंद है। कक्षाओं के साथ-साथ परीक्षाएं भी प्रभावित हुई है। अब यूजीसी के निर्देशानुसार चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने की तैयारी कर ली है। हालांकि विद्यार्थी इसका विरोध कर रहे है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉॅ. पवन गुप्ता ने बताया कि यूजीसी और निदेशालय उच्चतर शिक्षा हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार सोमवार को स्नातक एवं स्नातकोत्तर सहित अन्य कोर्सेज के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा एक सितंबर से दो सत्रों में प्रात: कालीन एवं सायंकाल सत्र में आयोजित करने का नोटिफिकेशन जारी किया। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं पूरी तरह गृह मंत्रालय, यूजीसी एवं हरियाणा सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होंगी। परीक्षा से पहले परीक्षा केंद्रों को पूरी तरह सैनिटाइज किया जाएगा और परीक्षा के बाद भी। परीक्षा केंद्र पर सभी परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग व हैंड सैनिटाइज की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं में दोनों जिलों के संबंधित कॉलेजों से लगभग 8 हजार विद्यार्थी स्नातक की परीक्षा देंगे। लगभग 1500 विद्यार्थी स्नातकोत्तर की परीक्षा देंगे।
यूं होगा अंक निर्धारण
परीक्षा में 50 अंक की परीक्षा और 50 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे। दोनों को मिलाकर कुल 100 अंकों में से 40 अंक प्राप्त करने होंगे। प्रश्न पत्र में कुल नौ प्रश्नों में से कोई चार प्रश्न हल करने होंगे और परीक्षा अब दो घंटे की होगी।
विद्यार्थी कर रहे विरोध
सभी छात्र संगठन परीक्षाएं न कराने के पक्ष में हैं और यूजीसी के फैसले का विरोध करते हुए सरकार से मांग कर रहे हैं कि विद्यार्थियों के हित को देखते हुए परीक्षाएं न ली जाए। छात्र नेताओं का कहना है कि विद्यार्थी कोरोना काल के चलते लंबे समय से पढ़ाई से दूर हैं। कोई ऑनलाइन क्लास आदि की भी व्यवस्था नहीं थी और अब अचानक कैसे परीक्षाएं दे पाएंगे। एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव राकेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने पहले तो परीक्षा न करवाकर प्रमोट करने का फैसला लिया था। अब अपना ही फैसला बदल रही है। एनएसयूआई छात्र संघ इसका विरोध करेगा व किसी भी हाल में विद्यार्थी परीक्षा नहीं देंगे। विश्वविद्यालय परीक्षा लेगा तो हम परीक्षा का बहिष्कार करेंगे।