सीबीएलयू के फॉर्मेसी विभाग का निरीक्षण करने मंगलवार को फॉर्मेसी काउंसिंल ऑफ इंडिया की टीम पहुंची। सीबीएलयू का फार्मेसी विभाग पिछले पांच सालों से सर्व शिक्षा अभियान की सीमेट बिल्डिंग में उधार के कमरों के अंदर ठेके पर लगे स्टाफ के सहारे ही चल रहा हैं। यहां पर डी फार्मा का कोर्स कराने के लिए मापदंड निर्धारित हैं या नहीं इसी की जांच करने के लिए टीम भिवानी में यूनिवर्सिटी पहुंची।
मंगलवार को जिस समय टीम औचक निरीक्षण करने पहुंची तो यहां तैनात स्टाफ में भी हडक़ंप मच गया और व्यवस्थाओं की खामियां निरीक्षण करने पहुंची टीम की नजरों में न आए, इसी की जुगत में लग गया। निरीक्षण के दौरान मीडिया कर्मियों की मौजूदगी भी वहां ठेके पर लगे कुछ शिक्षकों को अखरने लगी तो सुरक्षा गार्ड को बुलाकर मीडिया कर्मियों को ही बाहर कराने का प्रयास किया। पीसीआई की दो महिला सदस्यीय टीम ने सीमेट कार्यालय के आधे भवन परिसर के प्रथम तल पर चल रहे फार्मेसी विभाग के सभी कक्षों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फार्मेंसी विभाग में ढांचागत सुविधाओं की विडियोग्राफी भी कराई गई। इस दौरान परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी टूटे पड़े थे। जबकि सीमेट कार्यालय के छोटे कमरों के अंदर ही कक्षाएं भी ली जा रही थी।
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी में 2015 के दौरान फार्मेसी विभाग में मास्टर डिग्री का कोर्स शुरू किया गया था। जिस समय कोर्स शुरू हुआ, उस समय कोई स्थायी भवन नहीं होने की वजह से सर्व शिक्षा अभियान के सीमेट कार्यालय के आधे भवन को उधार लेकर इसमें कक्षाएं शुरू की गई और फार्मेसी के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए ठेके पर स्टाफ भर्ती किया गया। उधार की इसी बिल्डिंग में 2019 में बी फार्मा का कोर्स भी शुरू कर दिया। लेकिन इस कोर्स के मुताबिक विद्यार्थियों के लिए ढांचागत सुविधाओं की कमी खलने लगी। यहां प्रयोगशाला, उपकरणों की कमी है। सीबीएलयू में 60 विद्यार्थियों को बी फार्मा व 18 विद्यार्थियों को मास्टर डिग्री कराई जा रही है। सूत्र बताते है कि निरीक्षण के दौरान अन्य विभागों की प्रयोगशाला को भी फॉर्मेसी विभाग का बताया गया। जबकि दूसरे विभागों के कक्षों को भी फॉर्मेसी विभाग में दर्शाया गया। प्रयोगशाला में आवश्यक मशीनें नहीं थी। इसी तरह एफटीआईआर लैब का सामान भी नजर नहीं आया। नियमों के अनुसार फार्मेसी विभाग में अलग-अलग प्रयोग व शोध के लिए छह प्रयोगशालाएं अनिवार्य हैं। जबकि सीबीएलयू के फार्मेसी विभाग में केवल दो प्रयोगशालाएं ही नजर आई, इनमें भी मशीनों का अभाव था।
फार्मेंसी विंग में ही लगाई जा रही पीजी कोर्सों की कक्षाएं
सीमेट भवन में फॉर्मेसी विंग के साथ ही सीबीएलयू की 11 विभागों की 22 कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इनमें बी फार्मा, एमफार्मा, इतिहास, राजनीतिक शास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी, मनोविज्ञान, कैमिस्ट्री, एमएसडब्ल्यू, मॉस कम्यूनिकेशन, एमबीए कक्षाओं में करीब 450 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। जबकि पूरा परिसर फार्मेसी विभाग के नाम से लिया हुआ है।
किसी भी फार्मेसी कॉलेज को मान्यता देने के लिए किन-किन मानकों की आवश्यकता होती है, इसका पूरा विवरण पीसीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इन नियमों की पालना बहुत जरूरी है। इसके लिए पीसीआई की टीम भी समय समय पर इन मापदंडों एवं मानकों का जायजा लेती है।
-डॉ. शैलेंद्र सर्राफ, उपाध्यक्ष फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली।
फार्मेसी विभाग में पीसीआई की दो महिला सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान यहां की व्यवस्थाएं जांची हैं। टीम अपनी रिपोर्ट पीसीआई को उपलब्ध कराएगी। इसी के बाद पीसीआई अपनी रिपोर्ट देगी। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से भी व्यवस्थाएं पूरी की हुई हैं।
-प्रो. संजीव कुमार डीन, बायोटेक विभाग सीबीएलयू।