भिवानी। सीबीआई की टीम ने नगर परिषद घोटालों से जुड़े राज खंगाले। इस दौरान भिवानी के रेस्ट हाउस में भी इन मामलों से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की गई, जिसके बाद सीबीआई के हाथ अहम तथ्य और सुराग लगे हैं। जिन्हें जांच में शामिल किया गया है।
वहीं शहर के अंदर नगर परिषद की बेशकीमती भूमि हैं, जिस पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। जबकि रिकार्ड में इन संपत्तियों के भी मालिक बना दिए गए हैं, जिसके बाद तो इन भूमियों की कई खरीदारों के नाम प्रॉपर्टी दर्ज की गई है। शहर के अंदर सार्वजनिक शौचालयों से लेकर नगर परिषद में हुए संबंधित घोटालों की जांच के लिए सीबीआई की टीम इस सप्ताह भिवानी में ही डेरा डाले हुए है। नगर परिषद घोटालों की जांच के लिए सीबीआई के अलग-अलग अधिकारी नियुक्त किए हुए हैं। जिनमें नगर परिषद घोटालों की अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई थी, उन सभी में हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई मामले की गहनता से जांच में जुटी है। 15 अक्तूबर तक सीबीआई को कोर्ट में अपनी रिपोर्ट भी सौंपनी है।
इससे पहले सीबीआई भिवानी मेें हुए करीब 200 करोड़ से अधिक के घोटालों के राज खंगालने में जुटी है। सीबीआई की जांच अधिकारियों की टीम के भिवानी में जांच के दौरान नगर परिषद अधिकारियों की सांसें भी अटकी हैं, उन्हें भी इस घोटाले से संबंधित तथ्य जुटाने के लिए कई बार सीबीआई के अधिकारी तलब कर चुके हैं। ऐसे में कर्मचारियों में भी हड़बड़ी मची है।