भिवानी। गायों पर फिटकरी के पानी का छिड़काव करें तो लंपी वायरस से पशु ठीक हो जा जाएगा। फेसबुक पर इन दिनों इस तरह के देसी उपाय पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए खूब चल रहे हैं। लंपी वायरस से परेशान पशुपालक इन देशी इलाजों और टोन-टोटकों के फेर में फंसे हैं और इनसे पशुओं की हालत लगातार बिगड़ रही है। अनेक तो पशुओं का शर्तियां इलाज करने का दावा कर रहे हैं। अधिकतर पशुओं की हालत इतनी बिगड़ गई है कि वेटरनरी सर्जन को भी इलाज करने में मशक्कत आ रही है और पशु भी दर्द से परेशान है। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पशुपालकों से ऐसे देशी टोने-टोटकों की बजाए विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क साधने का आह्वान किया है।
जिले में करीब एक लाख तीन हजार गाय हैं। जिन्हें लंपी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग लगातार मशक्कत कर रहा है। वैक्सीनेशन अभियान जोरों पर है। अब तक करीब 76 हजार गायों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। मगर लंपी वायरस आशंकित करीब 62 गोवंश दम भी तोड़ चुके हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ये देसी तरीके
लंपी स्कीन वायरस के फैलने के साथ ही सोशल मीडिया खासकर यू-ट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सअप पर पशुओं को इस वायरस से बचाने के अनेक देशी तरीके और टोने-टोटके चल रहे हैं। जिनसे पशुपालक भी भ्रमित हो रहे हैं। अनेक तो लंपी का शर्तियां इलाज करने का दावा कर रहे हैं।
फिटकरी के पानी से पशुओं में स्कीन रोग
सोशल मीडिया पर पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए फिटकरी के पानी से बार-बार छिड़काव करने, नहलाने का वीडियो वायरल हो रहा है मगर अब सामने आया है कि यह पशुओं के लिए घातक साबित हो रहा है। दरअसल फिटकरी के पानी का ज्यादा प्रयोग करने के बाद पशुओं की स्कीन गलने लगी है। उन्हें चमड़ी रोग हो रहे है, जिनके दर्द से पशु परेशान है।
नीम और हलदी के धुएं से फूल रही पशुओं की सांस
देसी इलाजों में नीम और हलकी के धुएं का भी सुझाव पशुपालकों को दिया जा रहा है। काफी पशुपालक पशुओं को मच्छर-मक्खियों से बचाने के लिए देर तक धुओं रखते है। यहां तक कि उनके पास पंखा तक लगा देते है। पहले ही बुखार, दर्द से परेशान पशुओं की धुएं के कारण हालत और ज्यादा बिगड़ रही है।
काढ़ा पिलाने से बिगड़ रही हालत
सोशल मीडिया पर अनेक पौधों खासकर नीम, तूलसी आदि का काढ़ा मिलाकर पशु को पिलाने का भी सुझाव दिया जा रहा है। मगर पहले ही अंदरुनी जख्मों से परेशान पशु पर यह जले पर मिर्च छिड़कने जैसा साबित हो रहा है और पशुओं की हालत सुधरने की बजाए और ज्यादा बिगड़ रही है।
152 आशंकित पशु मिले, पांच ने तोड़ा दम
जिले में लंपी स्कीन वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को 152 आशंकित पशु सामने आए जबकि पांच आशंकित पशुओं की मौत हो गई। अब तक जिले में 2020 आशंकित पशु सामने आ चुके हैं, जिनमें से 446 ठीक हो चुके हैं और बाकी का इलाज चल रहा है। अब तक जिले में 62 पशु दम भी तोड़ चुके हैं। सोमवार को जिले में 6200 पशुओं को वैक्सीन लगाई गई। अब तक जिले में 73 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है और उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिन के दौरान जिले में सभी गायों को वैक्सीनेशन का कार्य पूरा हो जाए।
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पशु देशी इलाज के चक्करों में पड़ने की बजाए पहले विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लें, अन्यथा यह पशु के लिए घातक साबित हो सकता है। भिवानी जिले में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। अब तक 2020 में से करीब साढ़े चार सौ पशु रिकवर कर चुके हैं। जिले में अब तक 76 हजार गोवंश को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
- डॉ. प्रदीप कुमार, एसडीओ, पशु पालन विभाग।
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काफी पशुपालक टोने-टोटकों के फेर में पड़े हैं। अनेक यूट्यूब पर देखकर पशुओं का देसी इलाज करने में जुटे हैं। फिटकरी के पानी से गायों की चमड़ी खराब हो रही है, जिससे उन्हें नई समस्या हो रही है। धुएं से भी पशुओं की हालत खराब हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि पशुपालक विशेषज्ञ चिकित्सकों से ही परामर्श कर इलाज शुरू करवाए।
- डॉ. विकास जागलान, राज्य महासचिव, एसोसिएशन ऑफ वेटरनरी सर्जन, हरियाणा।