करंट लगने से एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत मामले में सदर पुलिस थाना में बिजली निगम कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज हुआ है। वहीं हिसार अस्पताल में करंट लगने से मृतक रवि (22) और अमित (30) के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
सदर पुलिस थाना में दी शिकायत में मुंढाल निवासी जोगेंद्र ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी का काम करता है। वह अपना पुराना मकान तोड़कर नया बना रहा है। उसके साथ ही उसका बड़ा भाई कर्मवीर भी अपना नया मकान बना रहा है। इन दोनों ही मकानों के आगे से हाईटेंशन और इलेवन केवी बिजली लाइनें गुजर रही हैं जो छतों से महज कुछ दूर पर ही बिजली के तार हैं। इस संबंध में बिजली तारों को हटाने के संबंध में काफी बार निगम अधिकारियों को शिकायत दी। लेकिन अधिकारी हर बार उन्हें इन्हें हटाने का झूठा आश्वासन देते रहे।
गत 22 अक्तूबर की शाम साढ़े छह बजे उसका भतीजा रवि अपनी छत व मुंडेरों की पानी से तराई कर रहा था कि इसी दौरान रवि करंट की चपेट में आ गया। वह भी अपनी छत पर काम कर रहा था। वह उसकी तरफ दौड़ा तो उसे भी करंट लगा। दूसरा भतीजा अजय, अमित, संदीप, नवीन व उसकी सुमन भी उनकी तरफ दौड़े तो उन्हें भी करंट लगा। ये सभी करंट लगने की वजह से नीचे जा गिरे। उन्हें हांसी के अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां रवि और अमित को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य का इलाज चल रहा है। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि हादसा बिजली निगम कर्मचारियों की लापरवाही से हुआ है। सदर पुलिस थाना में जोगेंद्र की शिकायत पर बिजली निगम कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज हुआ है।
दो दिन पहले काम कर रहे मिस्त्री को भी छू गए थे तार, लाइट नहीं थी हादसा टला
इस हादसे से दो दिन पहले भी निर्माणाधीन मकान पर काम कर रहे मिस्त्री को भी तार छू गए थे, लेकिन गनीमत थी कि उस समय लाइट नहीं होने से तारों में करंट नहीं था। इस वजह से हादसा टल गया।