भिवानी। चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए बैंकों और बिजली बिल के नोड्यूज जरूरी हैं, लेकिन निगम कार्यालयों के चक्कर लगा रहे भावी प्रत्याशी असमंजस में हैं। इसी तरह बिजली निगम के सब डिविजन कार्यालयों में भी बिजली बिल भरने वालों की लाइन कम, भावी प्रत्याशियों की तादाद बढ़ गई है।
सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव के लिए बैंकों और बिजली निगम से नोड्यूज अनिवार्य किया है। नामांकन दाखिल करने से पहले ही भावी प्रत्याशी ये औपचारिकता पूरी करने में जुटे हैं। वहीं दस्तावेज भी पुख्ता कर रहे हैं।
बिजली निगम कार्यालयों में आने वालों ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर उम्मीदवारों व उनके परिवार के सदस्यों के नाम डिफाल्टर सूची में हैं। ऐसे में निगम से उन्हें नोड्यूज भी नहीं दे रही है। वहीं टिटानी गांव की पिंकी भी चुनावी मैदान में है। पिंकी का आरोप है कि बिजली निगम ने उन्हें नोड्यूज नहीं दिया। जबकि पिंकी के ससुर के नाम बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है। इस वजह से एसडीओ ने उसे एनओसी नहीं दी। इस मामले की शिकायत पिंकी ने महिला आयोग को दी थी। जिस पर डीसी से भी जवाब तलब किया है। वहीं निगम अधिकारियों ने भी नोड्यूज लेने वालों के लिए कार्यालय में हिदायतें चस्पा दी हैं।
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पंचायती चुनाव में बिजली निगम से नो ड्यूज लेने वालों के लिए कोई लंबी चौड़ी शर्त नहीं है। उनके लिए यह जरूरी है कि जो व्यक्ति चुनाव लड़ रहा है। उसके या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम बकाया बिल न हो और कोई बिजली चोरी का केस न बना हो। बिजली चोरी का केस बना है तो उसका पूरा भुगतान कर चुका हो। अगर किसी परिवार में कोई महिला चुनाव के लिए नोड्यूज चाहती है और उसके ससुर पर निगम का बकाया है उसका नाम भी एक ही फैमिली आईडी में शामिल है तो उसे नोड्यूज नहीं मिलेगा।
-राजेश कुमार, एसडीओ बिजली निगम।