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Bhiwani News: सीबीएलयू में चार साल बाद पहुंचेगा नहरी पानी, 5.53 करोड़ की परियोजना शुरू

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निंगाना फीडर पर बनाए जाने वाले पंप हाउस कार्य के शुभारंभ के दौरान मौजूद कुलपति प्रो दी​प्ति धर्
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भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में चार साल बाद नहरी पानी की आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को जल्द ही पेयजल के लिए नहरी पानी उपलब्ध होगा। इसके लिए निंगाणा फीडर पर पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा जिसका शुभारंभ मंगलवार को किया गया। 5.53 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के पूरा होने पर विश्वविद्यालय के हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
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विश्वविद्यालय में लंबे समय से पेयजल की बेहतर व्यवस्था की मांग की जा रही थी। दरअसल वर्ष 2021 में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के प्रेमनगर स्थित नए परिसर में स्थानांतरित होने के बाद से अब तक पेयजल की व्यवस्था वैकल्पिक और अस्थायी साधनों के माध्यम से की जा रही थी। विश्वविद्यालय में टैंकरों और कैंपरों के जरिए पेयजल आपूर्ति होती रही जिससे विद्यार्थियों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही पेयजल व्यवस्था पर विश्वविद्यालय का अतिरिक्त आर्थिक भार भी बढ़ रहा था।

परियोजना के तहत निंगाणा फीडर की 33300 आरडी पर एक पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा। यहां से विश्वविद्यालय के जलघर तक 2300 मीटर लंबी 300 एमएम की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। पानी के भंडारण के लिए विश्वविद्यालय स्थित जलघर में तीन टैंकों का निर्माण भी किया जा रहा है। इनमें 7500 केएल क्षमता का कच्चे पानी का टैंक, 1500 केएल क्षमता का स्वच्छ पानी का भूमिगत टैंक तथा 230 केएल क्षमता का अग्निशमन टैंक शामिल हैं। इन टैंकों का निर्माण कार्य भी जारी है।
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पंप हाउस और जल भंडारण टैंकों सहित पूरी परियोजना अगले दो से तीन माह में पूरी होने की संभावना है। इसके बाद विश्वविद्यालय में पेयजल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी और विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।



2021 से चली आ रही पेयजल समस्या होगी समाप्त

5.53 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस पेयजल परियोजना के पंप हाउस निर्माण कार्य के शुभारंभ के साथ ही वर्ष 2021 से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंगलवार को निर्माण कार्य का शुभारंभ कुलसचिव डॉ. भावना शर्मा और इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया। यह परियोजना लगभग दो से तीन माह में बनकर तैयार हो जाएगी। निंगाणा फीडर पर पंपिंग स्टेशन बनने के बाद नहरी पानी सीधे विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचेगा और जलघर के माध्यम से इसकी आपूर्ति की जा सकेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में रिहायशी सुविधाओं के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। परियोजना का लाभ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं को मिलेगा।





पेयजल संबंधित समस्या दूर होने के बाद विश्वविद्यालय के ढांचागत विकास को भी पंख लगेंगे। परियोजना के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल एवं अन्य जल आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। - प्रो. दीप्ति धर्माणी, कुलपति, सीबीएलयू, भिवानी।
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