कस्बा झोझू कलां स्थित बस स्टैंड पर एक दर्जन गांवों की कालेज छात्राओं ने रोडवेज बस चलाए जाने की मांग को लेकर करीब घंटे तक सड़क पर बवाल काटा और जाम लगाए रखा। बाद में रोडवेज अधिकारियों द्वारा तत्काल बस सेवा शुरू करवाए जाने पर ही छात्राओं ने जाम खोला। इसे लेकर कई सड़क मार्ग बाधित रहे।
झोझू कलां में करीब एक दर्जन कॉलेज व स्कूल हैं। यहां बीएड और डीएड शिक्षण कालेजों में लड़कियां शिक्षक की ट्रेनिंग भी कर रही हैं। इस प्रकार आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में छात्राएं रोजाना शिक्षा ग्रहण करने आती हैं। रोडवेज बस की पर्याप्त सुविधा न होने से इन छात्राओं को आवागमन में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। मंगलवार सुबह सैकड़ों की संख्या में छात्राएं झोझू कलां बस स्टैंड पर एकत्र हुई तथा कतार में खड़े होकर सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगने से सड़क के दोनो ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। झोझू कलां को जोड़ने वाले सभी संपर्क मार्ग बंद हो गए। जाम की सूचना मिलने पर आदमपुर पुलिस चौकी इंचार्ज प्रेम कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से जाम खोलने को कहा लेकिन छात्राएं नहीं मानी। बाद में इसकी सूचना चरखी दादरी जीएम कार्यालय को दी गई। चरखी दादरी रोडवेज डिपो से टीएम प्रवीन कुमार व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा इन छात्राओं की समस्याएं सुनीं।
शारीरिक परेशानी के अलावा पढ़ाई का हो रहा नुकसान
मौके पर पहुंचे परिवहन अधिकारियों के समक्ष छात्राओं ने बताया कि झोझू व आस पास के गांवों के रूटों पर रोडवेज की बसें पर्याप्त मात्रा में न चलने से उन्हें स्कूल कालेज आने-जाने में कठिनाई झेलनी पड़ रही है। घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। बसें न मिलने पर कालेज में पहुंचने में देरी हो जाती है जिससे रोजाना उनके पीरियड भी मिस हो रहे हैं इसका असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है। कालेज से छुट्टी होने पर वे बसें न मिलने पर देर सांय तक अपने घरों में पहुंचती हैं जिससे उन्हें काफी मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। देरी की वजह से उनका कालेज होमवर्क भी पूरा नहीं हो पाता। छात्राएं विशेषकर चंदेनी, ऊण, नौरंगाबास जाटान,माब आदि गांवों के लिए बसों की मांग कर रही थी। मंगलवार को तो इन छात्राओं का हौस्ला जवाब दे गया और सड़क के बीचोंबीच एक-दूसरे का हाथ पकड़कर चैन बनाई और वाहनों के सामने खड़ी होकर मार्ग जाम कर दिया।