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रोडवेज कंडक्टर को अब बस में सवार यात्रियों की जुटानी होगी जानकारी

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01 फोटो रोडवेज बस में यात्रियों की टिकट काटते हुए कंडेक्टर। - फोटो : Bhiwani
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आप नंबरदार, स्वतंत्रता सेनानी, खिलाड़ी, एनसीसी कैडेट्स, विद्यार्थी हैं क्या...। रोडवेज बस में सवार कंडक्टर अब ये सवाल यात्रियों से पूछता नजर आएगा। दरअसल, रोडवेज प्रबंधन ने अब 23 तरह के यात्रियों की कैटेगरी की डिटेल जुटाने की भी जिम्मेदारी कंडक्टर को सौंपी है। इससे पता लगेगा कि कितनी छात्राएं यात्रा कर रही हैं, कितने कर्मचारी। इन आदेशों के बाद कंडक्टर असमंजस में है कि टिकट काटे या जानकारी जुटाए। एक समस्या यह भी है कि गांव नजदीक-नजदीक रहते हैैं। कई बार तो टिकट भी नहीं कट पाती और गांव आ जाते हैं। ऐसे में टिकट काटने के साथ-साथ यात्रियों की जानकारी जुटाना कंडक्टर के लिए आफत बन गया है। इसका विरोध भी शुरू हो गया है मगर जानकारी नहीं जुटाने पर विभागीय कार्रवाई का भी डर सता रहा है।
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रोडवेज बस में जाने वाले कंडक्टर को अब एक फार्म थमाया जा रहा है। जिसके एक साइड में 15 विभिन्न कैटेगरी और दूसरी तरफ आठ अन्य कैटेगरी है। सभी कंडक्टर को हिदायत दी जा रही है कि इन सारी कैटेगरी को यात्रियों के अनुसार भरकर लाया जाए।
टिकट कटता नहीं, आ जाते हैं गांव और फ्लाइंग
दिल्ली, रोहतक जाने वाली बसों का कंडक्टर टिकट काट रहा होता है तब तक बामला गांव आ जाता है, जो कि बस स्टैंड से करीब नौ किलोमीटर की दूरी पर गांव बामला है। अक्सर यहां फ्लाइंग मिलती है। अब कंडक्टर के समक्ष समस्या ये है कि वह पूरी तरह टिकट नहीं काट पाता, ऐसे में ये जानकारी कैसे जुटाए। सभी कंडक्टर को साफ हिदायत है कि फ्लाइंग की चेकिंग के दौरान फार्म पूरा नहीं मिला तो विभागीय कार्रवाई होगी। ऐसे ही हांसी रोड पर तिगड़ाना मोड़ पर अक्सर फ्लाइंग मिलती है तो दादरी और लोहारू रोड पर शहर से निकलते ही।
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इनकी जुटानी होगी जानकारी
- स्वतंत्रता सेनानी/ स्वतंत्रता सेनानी विधवा
- विधायक, सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद
- मान्यता प्राप्त पत्रकार
- 100 प्रतिशत स्पेशली एबल पर्सन विद अटेंडेंट
- स्टेट अवार्डी/फोक आर्टिस्ट
- आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन/पैरालंपिक स्पोर्ट्स पर्सन
- थैलेसिमिया, हिमोफिलिया, कैंपर मरीज और अटेंडेंट
- नेशनल यूथ अवार्डी
- आर्म्स फोर्स हरियाणा के जवानों की विधवाओं
- नंबरदार
- वीरता पुरस्कार विजेता
- स्पेशली एबल्ड एक्स सर्विसमैन
- आपातकालीन पीड़ित
- हिंद आंदोलन 1957 के प्रतिभागी
- छात्राएं
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नि:शुल्क और रियायती यात्रा के यात्री
- सरकारी कर्मचारी/सेमी सरकारी/बोर्ड एेंड कारपोरेशन
- छात्र
- हारट्रोन विद्यार्थी
- राज्यस्तरीय स्पोर्ट्स मीट के प्रतिभागी
- सीनियर सिटीजन
- कैंप में जा रहे एनसीसी कैडेट्स
- पुलिस कर्मचारी
- आपातकालीन पीड़ित
सभी ड्राइवर-कंडक्टर की बैठक लेकर हिदायत दी है कि यात्रियों को देखकर बसें रोके न कि किलोमीटर पर फोकस करें। अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि ड्राइवर बस रोकते नहीं। इसका एक खामियाजा ये भी रहता है कि प्राइवेट बसें यात्रियों से भरी चलती है और रोडवेज बसें खाली। अब इसमें सुधार के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जो कैटेगरी का फार्म है, वह सबके लिए भरना अनिवार्य है और ये डीजी के आदेश हैं। बस में जब यात्रियों की टिकट काट रहा है तो यात्री उसी समय कंडक्टर पूछ सकता है।
गुलाब सिंह, जीएम, भिवानी रोडवेज डिपो
सभी कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी इमानदारी से करनी चाहिए। जिस काम के लिए उन्हें रखा गया है, वे जरूर होना चाहिए। कंडक्टर को कैटेगरी भरने का फार्म देकर अतिरिक्त बोझ डाला गया है। अब वे टिकट काटे या ये फार्म भरें। कैटेगरी फार्म कंडक्टर भरे मगर उन्हें विभागीय कार्रवाई का डर नहीं दिखाना चाहिए।
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- अजय कुमार, कर्मचारी नेता
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