इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर के इंतजार में खड़ी मरीज के साथ आई महिला। संवाद न्यूज एजेंसी
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आग में झुलसी युवती को परिजन प्राइवेट एंबुलेस में उपचार के लिए इमरजेंसी लेकर पहुंचे। परिजन युवती को उपचार के लिए माइनर ओटी में लेकर जाने के लिए स्ट्रेचर का इंतजार करते रहे। मगर करीब 30 मिनट तक उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला। उन्हें इमरजेंसी में तैनात कर्मचारियों से बात भी की मगर किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। करीब 30 मिनट बाद युवती को इमरजेंसी के अंदर ले जाया जा सका और उसे उपचार मिला।
वीरवार दोपहर करीब एक बजे इमरजेंसी के सामने एक प्राइवेट एंबुलेस आकर रुकी। एंबुलेंस में आग में झुलसी सिटी स्टेशन क्षेत्र निवासी 25 वर्षीय सीता देवी थी। युवती के परिजन उसे इमरजेंसी में अंदर लेकर जाने के लिए स्ट्रेचर के लिए अस्पताल में घूमते रहे मगर उन्हें कोई स्ट्रेचर नहीं मिला। उन्होंने इमरजेंसी में तैनात कर्मचारियों से भी स्ट्रेचर के लिए बात की मगर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। 30 मिनट के बाद दूसरे मरीज के परिजनों ने उन्हें स्ट्रेचर दिया जिसके बाद वो उसके लेकर इमरजेंसी की माइनर ओटी में लेकर गए। घायल युवती के पति नरेश ने बताया कि वह मूलरूप से मध्यप्रदेश के छतरपुर जिला के रहने वाला है। वह सड़क बनाने के कार्य में मजदूरी करता है। मंगलवार को वह गोहाना गया हुआ था। फोन पर उसके परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी सीता देवी नहाकर अलाव सेंक रही थी। अचानक से वह आग में झुलस गई। पड़ोसियों ने उसका बचाव किया। बताया जा रहा है कि वह करीब साठ प्रतिशत जली हुई है। वह तीन बेटियों की मां है और वह मानसिक रूप से परेशान भी है। महिला को उपचार के लिए इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
अभी ऐसे किसी मामले की सूचना नहीं मिली है। मगर मैं खुद इसके बारे में पता करूंगा। संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. जितेंद्र कादियान, सीएमओ।