भिवानी। पुराने जलघर में करीब 36 करोड़ रुपये का बजट दो नए टैंक और सिस्टम को अपडेट करने में लगा दिया, लेकिन फिर भी शहर की करीब डेढ़ लाख आबादी की प्यास नहीं बुझी। पुराने जलघर में हर बार पानी भंडारण को लेकर कोई न कोई दिक्कत बन रही है, जिस कारण न केवल शहर को पेयजल संकट झेलना पड़ता है, बल्कि विभागीय अधिकारियों की परेशानी भी बढ़ गई है।
भिवानी के महम रोड पुराने जलघर में चार पुराने टैंकों को तोड़कर दो नए टैंक बनाए गए हैं। इसमें एक नए टैंक पानी भंडारण की क्षमता 14 करोड़ 33 लाख लीटर पानी भंडारण की क्षमता है। एक टैंक 804 फुट लंबा, 426 फुट चौड़ा और गहराई 14.75 फुट है। एक टैंक के निर्माण पर 13 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसके अलावा यहां पर करीब सात टैंक और हैं, जिनकी क्षमता 30 करोड़ 19 लाख 30 हजार 303 लीटर की है। ऐसे में यहां पर पानी स्टोरेज की क्षमता पहले से 14 करोड़ 33 लाख लीटर बढ़ गई है।
तोशाम बाईपास दिनोद रोड के पास डाबर पर जलघर नंबर दो है, जहां पर सात टैंक हैं, जिनकी पानी स्टोरेज क्षमता 102 करोड़ 50 लाख 32 हजार 506 लीटर है। रोहतक रोड पर स्थित जलघर नंबर तीन दो स्टोरेज टैंक हैं, जहां पानी की क्षमता 61 करोड़ 91 लाख 16 हजार 673 लीटर की है। ऐसे में शहर में 75 हजार से अधिक पेयजल कनेक्शन भी हैं।
नए टैंक में हुआ पानी का भंडारण तो बुझेगी शहर की प्यास
पुराने जलघर में इस बार नया टैंक भी पानी से भरने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पिछली बार भी आंधी की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित रही और पानी का टैंक नहीं भर पाया, मगर इस बार नया टैंक पानी से लबालब करने की तैयारी और दावा अधिकारी कर रहे हैं। अगर ये टैंक भरा तो फिर 32 दिन बाद नहर आने तक पेयजल आपूर्ति में काम चल जाएगा। हालांकि एक टैंक पूरा भरने पर 15 दिन तक पुराने शहर को पेयजल आपूर्ति का काम चल सकता है।
अभी तक नया टैंक नहीं हुआ जनस्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर
पुराने जलघर का नया टैंक अभी हैंडओवर नहीं हुआ है। यानी टैंक सुपुर्द होने से पहले ही इसकी ट्रायल होगी। ये ट्रायल नहरी पानी भरने के बाद ली जाएगी। ताकि टैंक की लीकेज का पता लग सके। हालांकि टैंक निर्माण की एजेंसी की इसके रखरखाव की कई सालों तक वारंटी भी है। ऐसे में लीकेज सहित अन्य दिक्कतें आने पर निर्माण एजेंसी ही उन दिक्कतों को दूर कराएगी। जबकि पहले बन चुका टैंक अब पूरी तरह से इस्तेमाल लायक है।
इस बार नया टैंक पानी से भरा जाएगा। पुराने जलघर में अब दो टैंक हैं, जिनमें अगर पर्याप्त नहरी पानी मिला तो पुराने शहर को पेयजल आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। हमारा प्रयास रहेगा कि अतिरिक्त संसाधन जुटाकर दोनों टैंकों को पानी से भर लें, ताकि आपूर्ति में फिर सुविधा रहेगी।
-सचिन तलेजा, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।