अगले सप्ताह जिला जेल प्रशासन के सुपुर्द होंगे पांच नए खंड, मेगा कीचन, फैक्टरी शेड की भी सुविधा
- पुरानी जेल के 12 छोटे बैरकों में हैं 915 कैदी और बंदी, करीब 55 करोड़ से अधिक की लागत में पूरा हुआ काम
संजय वर्मा
भिवानी। अब भिवानी जिला कारागार की क्षमता 561 से बढ़कर 1335 कैदियों और बंदियों तक रखे जाने तक हो गई है। इतना ही नहीं जिला कारागार के पांच नए खंड तैयार होने से बंदियों का यहां फैक्टरी शेड के अंदर हुनर भी निखारा जा सकेगा। वहीं जेल प्रशासन की आमदनी बढ़ेगी।
अगले सप्ताह जिला जेल प्रशासन को नया खंड सुपुर्द किए जाने की संभावना है। नए खंड कें मेगा कीचन के साथ फैक्टरी शेड भी तैयार हो गया है। इसके अंदर बंदियों के खाना तैयार करने के साथ साथ उनको रोजगार से भी जोड़कर अपराध की दलदल से बाहर निकालने का एक सकारात्मक प्रयास संभव हो पाएगा। फिलहाल पुरानी जेल में भी जेल प्रशासन बंदियों का हुनर तराशने में जुटा है।
करीब तीन दशक से अधिक पुरानी भिवानी जिला कारागार को अब नया विस्तार मिल गया है। पुरानी जेल के साथ ही पांच नए खंड तैयार हुए हैं। इसमें जेल प्रशासन का प्रशासनिक खंड, पुरुष बैरक और महिला बैरक के अलावा मेगा कीचर और फैक्टरी शेड शामिल है। इसी के साथ जेल वार्डन व जेल प्रशासन के अधिकारियों के लिए भी अलग से नए क्वाटर तैयार किए गए हैं, जहां वे परिवार सहित रह सकेंगे। भिवानी जिला कारागार में इस समय 915 कैदी और बंदी हैं, यह संख्या कभी कभार एक हजार के पार भी चली जाती है। पहले से ही बैरकों के अंदर क्षमता से अधिक बंदी और कैदी हैं। पुरानी जेल के बैरक भी काफी छोटे हैं, जिनके अंदर खुला हवादार माहौल भी नहीं है। वहीं बंदियों के लिए भी ये जगह काफी तंगहाल बन चुकी है। ऐसे में नए खंड के अंदर बने बैरक काफी बड़े हैं। नए खंड में महिलाओं के लिए भी अलग से बैरक हैं, जिसकी क्षमता 114 महिला बंदियों व कैदियों को रखने की है। संवाद
जेल प्रशासन कैदियों को सिखा रहा आर्गेनिक खेती, खुद करता है अनाज और सब्जियों का उत्पादन
भिवानी जिला के उप अधीक्षक नरेश बूरा ने बताया कि जेल प्रशासन के पास भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग पर करीब 40 एकड़ भूमि है। इसमें आधे से अधिक भूमि पर बंदियों व कैदियों को आर्गेनिक खेतीबाड़ी के गुर सिखाए जा रहे हैं। जेल के अंदर ही आर्गेनिक सब्जियों का उत्पादन भी कैदियों की मदद से किया जा रहा है। जबकि सीजन में अनाज की फसल भी उगाई जा रही है। ये आर्गेनिक उत्पाद कैदियों के खाने में ही परोसे जा रहे हैं। जेल के अंदर ही एक ड्रेनेज सिस्टम बना है, जिसमें बंदियों के इस्तेमाल होने वाला पानी और इस्तेमाल कर बची सब्जियां आर्गेनिक खाद के तौर पर तैयार की जा रही हैं। इसके लिए जेल के अंदर ही खाद भी तैयार की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बंदियों को कई प्रकार के फूलों की खेती भी सिखाई जा रही है।
जिला जेल प्रशासन के लिए पांच नए खंड बनकर तैयार हो चुके हैं। ये खंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा तैयार किए गए हैं। अगले सप्ताह नए खंड को हैंडओवर किया जाएगा। नए खंड में कैदियों के लिए फैक्टरी शेड, मेगा कीचन सहित अन्य सुविधाएं भी हैं, जिससे की लगातार बढ़ रही कैदियों व बंदियों की संख्या के मुकाबले उन्हें यहां बेहतर ढंग से रखा जा सकेगा। वहीं उनके हुनर को निखारने के लिए भी ढांचागत सुविधाओं में विस्तार होगा।
-सेवा सिंह, जेल अधीक्षक, जिला कारागार भिवानी।