भिवानी। महिला को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म के दोषी जेठ और उसके साथी को न्यायालय ने 20 साल की कैद समेत 20,000 रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई है। मामले को बहुत ही संगीन मानकर न्यायालय ने दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती।
यह केस वर्ष 2023 में औद्योगिक पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। इसमें शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया था कि उनके पति काम पर घर से बाहर गए थे। वह घर में अकेली थीं। इसी दौरान उन्हें जबरदस्ती ऑटो में बिठाकर उनका जेठ सुनसान जगह पर ले गया। वहां के मकान में पहले से मौजूद उसके जेठ के साथी और उनके जेठ ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था।
औद्योगिक थाना पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज करवाए। अदालत में आरोप पत्र दायर होने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर इस दौरान न्यायालय ने मुख्य आरोपी रामप्रसाद को दोषी करार दिया। इसलिए आईपीसी की धारा 342, 34 के तहत एक साल का कारावास, 1,000 रुपये का जुर्माना, धारा 376 डी के तहत 20 वर्ष कारावास और 20,000 का जुर्माना लगाया।
न्यायालय ने दूसरे दोषी राजकुमार को धारा आईपीसी की धारा 342, 34 के तहत एक वर्ष का कारावास, 1,000 रुपये का जुर्माना, धारा 376(2)(एफ) के तहत 10 साल कारावास व 10,000 रुपये का जुर्माना, धारा 376 (डी) के तहत 20 वर्ष कारावास और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि न चुकाने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।