बवानीखेड़ा। गांव सीपर के खेतों में ओवरफ्लो चल रही खानक माइनर तीन जगह टूटने से करीब 300 एकड़ भूमि में दो से तीन फीट पानी जमा हो गया। सूचना पाकर सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद एक जगह से माइनर पाटकर पानी के बहाव को रोक दिया है। वहीं दो अन्य जगह पर भी समाचार लिखे जाने तक मजदूर माइनर पाटने का कार्य कर रहे थे।
किसान जागे, रामनिवास, रामपाल, मंगत, राजेंद्र व दिनेश ने बताया कि बुधवार रात करीब 12 बजे खनक माइनर में पानी आया था। किसानों का कहना है कि नदी में पानी का स्तर काफी था और पानी ओवरफ्लो के चलते रात करीब दो बजे नहर से चलते पटरी से रिसाव होकर तीन जगह से 15 फीट 18 फीट और 20 फीट चौड़े कटाव हो गए और किसानों के खेतों व ढाणियों में दो से तीन पानी जमा हो गया।
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अगली फसल की बिजाई होगी प्रभावित
किसानों का कहना है कि करीब डेढ़ माह पहले नहर टूटने से उनकी सामणी की फसल कपास, ज्वार व धान की फसल पूर्णता नष्ट हो चुकी है। वे आगामी गेहूं व सरसों की फसल की बिजाई के लिए जमीन तैयार कर रहे थे कि फिर से एक बार नहर टूटने से उनके आगामी फसल बिजाई की योजना पर पानी फिर गया। अब आगामी फसल की बिजाई नहीं हो पाएगी। किसानों को इससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
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माइनर के ओवरफ्लो के चलते गांव सीपर के खेतों में खानक माइनर तीन जगह से टूट गई। एक जगह से माइनर को पाटकर पानी का रिसाव को बंद कर दिया है। तेज बहाव के कारण माइनर पाटने के कार्य में कठिनाई आ रही है। पीछे से पानी का बहाव कम कर दिया है। मजदूर व जेसीबी लगाकर पानी रोकने का कार्य जारी है। शुक्रवार सुबह तक माइनर के दो जगह दरारों को पाट दिया जाएगा।
- सुरेंद्र कौशिक, जेई सिंचाई विभाग।