जेबीटी शिक्षक से मेडिकल बिल पास करने के बदले तीन हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले शिक्षा विभाग के कर्मचारी को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र प्रसाद की अदालत ने सुनाया। दोषी को आठ हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा होगी।
शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी सतवीर को तीन जून 2014 को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। बाढ़डा ब्लाक के कृष्णपुरी रूढीवाली प्राथमिक विद्यालय में जेबीटी शिक्षक उत्तमनगर निवासी रविदत्त ने विजिलेंस को शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि एक हादसे में उसका पुत्र विपिन घायल हो गया था। बेटे के इलाज के करीब 70 हजार रुपये के बिल थे।
उक्त कर्मचारी ये बिल पास करने के बदले 70 हजार रुपये मांग रहा था। विजिलेंस टीम ने आरोपी कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ कार्यालय से ही गिरफ्तार कर लिया था। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के नियम 49 की धारा 7/13 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। इसी मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. वीरेंद्र प्रसाद की अदालत ने उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई। दोषी कर्मचारी को तीन साल कैद व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।