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Bhiwani News: निजी स्कूलों के अंदर ही बेची जा रहीं किताबें और ड्रेस

Fri, 04 Apr 2025 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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हांसी गेट पर ​स्थित किताबों की दुकानों पर लगी विद्या​र्थियों और अ​भिभावकों की भीड़। 
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भिवानी। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकों का संकट छा गया है। हालांकि निजी स्कूलों के लिए ये संकट आपदा में अवसर जैसा साबित हो रहा है, क्योंकि निजी स्कूल निजी प्रकाशकों की पुस्तकें बच्चों पर थोप रहे हैं। वहीं स्कूल के अंदर ही स्कूल ड्रेस भी बेची जा रही है। हालांकि अभी तक शिक्षा अधिकारी शिकायत मिलने की बाट जोह रहे हैं जबकि अभिभावक परेशानी और असमंजस में फंसे हैं।
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भिवानी जिले में अधिकतर निजी स्कूलों के अंदर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगाई गई हैं। इनमें से कुछ स्कूल तो विद्यालय के अंदर ही दाखिला के साथ अभिभावकों को पुस्तकें भी अपने स्तर पर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं। जबकि स्कूल ड्रेस भी स्कूल के अंदर ही बेची जा रही है। कैरू खंड के एक नामी स्कूल में दाखिला कराने वाले अभिभावकों ने इस तरह के आरोप लगाते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत भी दी है।
वहीं, भिवानी शहर में भी ऐसे निजी स्कूलों की भरमार है, जो खुद के पाठ्यक्रम और ड्रेस को अपने स्तर पर ही उपलब्ध करा रहे हैं। नियमाें के अनुसार विद्यालय न तो पाठ्यक्रम पुस्तकें बेच सकता है न स्कूल ड्रेस। केवल एनसीईआरटी के निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही बच्चों को पढ़ा सकता है। जबकि विभाग ने कक्षावार बच्चे के बस्ते का बोझ भी निर्धारित किया हुआ है। निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की वजह से बच्चे की पीठ पर भी बस्ते का वजन बढ़ गया है।
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कोई भी निजी स्कूल पाठ्यक्रम की पुस्तकें मनमर्जी से लागू नहीं कर सकता है। ऐसा करना नियमों के खिलाफ है। वहीं स्कूल ड्रेस विद्यालय परिसर के अंदर बिक्री करना गैर कानूनी है। इस संबंध में कोई शिकायत आती है तो संबंधित विद्यालय पर कार्रवाई की जाएगी। एनसीईआरटी की पुस्तकें सभी सरकारी स्कूलों में पहुंच चुकी हैं। बाजार में भी उपलब्ध हैं। -सुभाष भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

भिवानी। निजी स्कूलों की ओर से किताबें और यूनिफॉर्म केवल चुनिंदा दुकानों से ही बिकवाने और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने नवदुर्गा सेवा सहयोग संस्था के संस्थापक सुरेश सैनी, ह्यूमन राइट्स एंड एंटी करप्शन काउंसिल के चेयरमैन अधिवक्ता शिव कुमार बेडवाल, सचिव अधिवक्ता अजय सभरवाल, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण संगठन के प्रधान महेंद्र पाल यादव, सैनी विचार मंच के संगठन सचिव मुकेश सैनी ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि निजी स्कूल बच्चों की किताबें और ड्रेस केवल एक या दो दुकानों से ही लेने के लिए मजबूर करते हैं, जबकि कुछ स्कूल तो अपने परिसर में ही मनमाने दामों पर ये सामग्री बेचते हैं।
इससे अभिभावकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। संगठनों ने ऐलान किया कि इस मुद्दे को लेकर एक जन जागरण अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें अभिभावकों को साथ लेकर आम जनता को जागरूक किया जाएगा। इस अवसर पर अधिवक्ता विनोद बराड़, अधिवक्ता नरेश भौरिया, अधिवक्ता विजय सूई, जितेंद्र तंवर बापोड़ा मौजूद रहे।
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