परिवार ने शनिवार को समाज के लिए नई पहल की शुरुआत की है। बारात के रवाना होने से पहले उन्होंने रक्तदान शिविर लगवाया। शिविर में कुलदीप ने परिवार के सदस्यों समेत सबसे पहले रक्तदान किया। इसके बाद उसने शादी में आए दोस्तों से भी गिफ्ट में रक्तदान करने का आग्रह किया। शिविर में करीब 30 यूनिट रक्तदान हुआ।
इस दौरान समारोह में पहुंचे अलख आश्रम के महंत विकास गिरी, महंत तुरंतनाथ, जीडीसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके मिश्रा, चौधरी डेयरी के संचालक अमरजीत चौधरी, ओपी सूरा, सामाजिक कार्यकर्ता रवि आजाद ने कुलदीप श्योराण की इस पहल की सराहना की।
जानकारी के अनुसार दिल्ली की बीना के साथ शनिवार को सात फेरों के बंधन में बंधने वाले गोपालवास गांव के कुलदीप श्योराण के परिजनों ने यह निर्णय लिया था कि शादी की अन्य रस्मों के अलावा रक्तदान की रस्म भी शुरू की जाए। सहमति के बाद दूल्हे ने जहां खुद रक्तदान का निर्णय लिया वहीं अपने दोस्तों से निवेदन किया कि वे शादी में उपहार नहीं दें और इसकी बजाय शिविर में रक्तदान करें।
इस निर्णय के तहत शनिवार को टीम रवि आजाद के सहयोग से शादी समारोह से पहले रक्तदान शिविर लगाया गया। जिसमें भिवानी से आई टीम ने 30 यूनिट एकत्रित की। इस अवसर पर शादी में पहुंचे गणमान्य लोगों ने कहा कि इस तरह की समाजसेवा की भावना से जहां आपसी प्रेम और विश्वास की डोर मजबूत होती है वहीं एक नेक काम को बढ़ावा मिलता है।
इस मौके पर बहल के चिकित्साधिकारी डॉ. अजय श्योराण, सरपंच प्रतिनिधि विनोद, आजाद गागड़वास, संजय नंबरदार गोपालवास, ओमबीर, रबिन, राजकुमार, धर्मपाल नंबरदार कासनी कलां, महावीर सांगवान, बलबीर पुजारी गोपालवास, संजय जांगड़ा हरियावास, देवेंद्र सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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