गांव जाटूलुहारी में साफ-सफाई को लेकर सरपंच के साथ विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। शुक्रवार दोपहर बाद गांव जाटूलुहारी निवासी मां-बेटी जिला सामान्य अस्पताल के आपात विभाग में पहुंची। जहां पर मां-बेटी ने सरपंच के परिजनों द्वारा उन्हें घर में ही बंधक बनाकर मारपीट किए जाने व घर पर पथराव किए जाने के आरोप लगाए।
महिला व उसकी बेटी ने बताया कि सरपंच के इशारे पर गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार किया गया है। जिस वजह से उन्हें गांव में दुकान पर भी सामान नहीं मिल रहा है। उनका गांव में एक ही मकान है। जबकि आरोपी गांव में दबंग है। वहीं लेबर क्रांति के प्रदेश संयोजक राजेंद्र तंवर व शिवकुमार प्रजापति सहित सुरेश सैनी ने मामले में मानवाधिकार व महिला आयोग को शिकायत देकर सोमवार को शहर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाने की चेतावनी दी है।
जिला सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची गांव जाटूलुहारी निवासी 50 वर्षीय विधवा महिला निर्मला व उसकी 25 वर्षीय बेटी मंजू ने बताया कि 19 फरवरी को सरपंच के परिवार के लोगों ने उनके घर के अंदर घुसकर उन पर कस्सी के डंडों से मारपीट की और पथराव किया। इस हमले में मां-बेटी को गंभीर चोटें आई। महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 व सौ नंबर पर भी सूचना दी गई। जिसके बाद दो पुलिस कर्मचारी भी पहुंचे, मगर पुलिस वालों ने उनकी बात सुनने की बजाए उन्हीं से बदसलूकी की। जिसके बाद बवानीखेड़ा पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी। मगर पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि सरपंच की शिकायत पर उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज कर लिया। महिला का आरोप है कि उन पर हमला किया गया और पुलिस में शिकायत देने पर भी परिवार खत्म कर देने की धमकी दी। उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बावजूद सरपंच ने पूरे गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार कराने का तुगलकी फरमान सुना दिया। सामाजिक बहिष्कार किए जाने के बाद अब उसे व उसके परिवार को दुकान पर सामान नहीं मिल रहा है और कोई भी ग्रामीण उनसे बात तक नहीं करता है।
सामाजिक बहिष्कार के विरोध में उठे सुर
लेबर क्रांति के प्रदेश संयोजक राजेंद्र तंवर ने बताया कि गांव में महिला का केवल एक ही मकान है, जबकि आरोपी दबंग समुदाय के लोग हैं। जिन्होंने एक परिवार व एक ही घर के लोगों को जबरन उनके घर में बंधक बनाकर उन्हें सामाजिक तौर पर बहिष्कार कराने का गैर कानूनी कार्य किया है। पुलिस व जिला प्रशासन भी इस मामले में मूकदर्शक बना है। इसके खिलाफ लेबर क्रांति सोमवार को शहर में पुलिस व जिला प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेगा और सरपंच को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाएगा।
मैं गांव में साफ-सफाई का काम करा रहा था कि इसी दौरान महिलाओं ने मेरे साथ मारपीट की थी। जिसकी शिकायत पर बवानीखेड़ा पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस मामले में पूरा गांव इकट्ठा हुआ, जिसमें मौजिज लोगों ने इस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया है। पंचायती तौर पर इस तरह का कोई आदेश या प्रस्ताव पारित नहीं किया है।
- नरेश तंवर, सरपंच जाटूलुहारी।
मेरे पास महिला की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। गांव के सरपंच द्वारा सार्वजनिक जगह पर साफ-सफाई कराए जाने के दौरान विवाद हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंची थी। मैं खुद भी मौके पर पहुंचा और हालातों का जायजा लिया है। गांव द्वारा सामाजिक तौर पर बहिष्कार किए जाने की बातें मेरे सामने नहीं आई है।
- श्रीभगवान यादव, एसएचओ बवानीखेड़ा पुलिस थाना
आरोपियों द्वारा पीड़िता के घर में घूसकर की गई तोड़फोड़।- फोटो : Bhiwani