नागरिक अस्पताल की लैब में खराब पड़ी बॉयोकेमिस्ट्री टेस्टिंग मशीन ।
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल की लैब में बायोकेमिस्ट्री मशीन फिर खराब हो गई है। इसकी वजह से नागरिक अस्पताल में खून के नमूनों की जांच भी प्रभावित हो रही है। नागरिक अस्पताल में एलएफटी, आरएफटी, शुगर व लिपिड प्रोफाइल टेस्ट भी प्रभावित हो गए है। अब लैब में तैनात तकनीशियन मैनुअल तरीके से खून के नमूनों की जांच कर रहे हैं, जिससे मुश्किल से रोजाना 40 से 50 टेस्ट ही हो पा रहे हैं। वहीं बायोकेमिस्ट्री मशीन में रोजाना करीब दो हजार टेस्ट किए जा रहे थे।
जिला नागरिक अस्पताल की लैब में दो नई बायोकेमिस्ट्री मशीनों को भी मंजूरी मिल चुकी है। इसे निजी कंपनियों के सहयोग से यहां स्थापित किया जाना था, मगर ये नई मशीनें भी अभी नहीं आई हैं, जबकि 12 साल पुरानी बायोकेमिस्ट्री मशीन कई बार खराब हो चुकी है। इससे लैब में टेस्ट भी प्रभावित हो रहे हैं। इस मशीन को 2011 में यहां स्थापित किया गया था। मगर इसके बाद टेस्ट की यहां नई मशीन नहीं आई।
लैब तकनीशियन व अन्य स्टाफ भी यहां मैनुअल तरीके से ही खून के नमूनों की जांच करा रहा है। अधिकतर मरीजों को तो यहां से वापस भेजा जा रहा है, क्योंकि टेस्ट की सुविधा नहीं है। प्राइवेट लैब में मरीजों को ये टेस्ट महंगे दामों पर कराने पर मजबूर होना पड़ा है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों के साथ फील्ड के हेल्थ सेंटरों से भी यहां खून के नमूने जांच के लिए आते हैं। इनकी जांच भी अब मशीन खराब होने से अटक गई है।
नागरिक अस्पताल में निजी कंपनियों से डोनेशन में नई बायोकेमिस्ट्री मशीन की डिमांड रखी गई है। हमारा प्रयास है कि जल्द ही इन मशीनों को यहां स्थापित कराया जाएगा। कोई भी व्यक्ति जनहित में नागरिक अस्पताल में किसी भी तरह के मेडिकल उपकरणों का सहयोग कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग निदेशालय से भी डिमांड भेजी हुई है।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।