भिवानी/तोशाम। स्वास्थ्य विभाग और सीएम फ्लाइंग की टीम ने शनिवार को डमी मरीज भेजकर तोशाम में भ्रूण लिंग जांच के गोरखधंधे का खुलासा किया है। एक निजी नर्सिंग होम के माध्यम से दलाल ये खेल चला रहे थे। टीम ने छापे के दौरान दो दलालों को 40 हजार रुपये की नकदी के साथ दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं अस्पताल की मशीन को भी सील कर दिया गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि दलाल सिर्फ रुपये लेकर फर्जी तरीके से भ्रूण लिंग की पहचान बता रहे थे या अस्पताल की भी कोई मिलीभगत है।
मामला दोपहर करीब सवा 12 बजे का है। रोहतक में सीएम फ्लाइंग के डीएसपी अजीत सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि तोशाम के एक निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच चल रही है। इसके बाद महेंद्रगढ़ से डिकॉय (डमी मरीज) तैयार किया गया। डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में छापा मारा गया। तोशाम के ही एक व्यक्ति से दादरी में 40 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय हुआ। तय समय अनुसार डिकॉय सुबह करीब 12 बजे तोशाम पहुंची जहां दलाल हसान वासी कृष्ण कुमार मिला। डिकॉय ने उसे 40 हजार रुपये दिए। जिसके बाद कृष्ण ने डिकॉय को कहा कि उसके पीछे-पीछे आए। वह आगे-आगे बाइक पर चलने चला। वह तोशाम के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां फोन कर अपने दूसरे साथी बिजेंद्र को बुलाया। दोनों ने डिकॉय को समझाया कि अंदर जाकर पर्ची बनवानी है और कोई पूछे तो बताना है कि पहले भी एक लड़का-एक लड़की है। डिकॉय ने वैसा ही किया। अंदर 50 रुपये शुल्क की पर्ची बनाई गई। जिसके बाद चिकित्सक ने जांच की और अल्ट्रासाउंड लिख दिया। अल्ट्रासाउंड होने के बाद डिकॉय ने दलालों से पूछा कि जांच में क्या है तो बताया गया कि दो बजे फोन पर बता देंगे। इसी दौरान डिकॉय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दी। अस्पताल के बाहर पहले से ही अलर्ट टीम अस्पताल पहुंची और पुलिस की सहायता से दोनों दलालों को दबोच लिया। एक दलाल से 40 हजार रुपये भी बरामद किए गए। इस मामले में कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत भी दी गई है।
जांच टीम में यह रहे मौजूद
टीम ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में जांच की और अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया। करीब पांच घंटे तक जांच चली। स्वास्थ्य विभाग की निरीक्षण करने वाली टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार के अलावा नोडल ऑफिसर डॉ. अनीता, जिला औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर, प्रदीप कुमार शामिल रहे। वहीं सीएम फ्लाइंग से डीएसपी अजीत सिंह, इंस्पेक्टर आजाद सिंह ढांडा, एसआई राजबीर सिंह शामिल रहे। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर सुनील कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई है।
डॉक्टर बोला- 500 रुपये लेकर रुटीन अल्ट्रासाउंड किया
अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर सोमनाथ मजीठिया ने बताया कि उन्होंने रुटीन में अल्ट्रासाउंड किया था। उसकी एवज में उन्होंने पांच सौ रुपये लिए हैं जो कि रजिस्टर में दर्ज हैं। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। नियमानुसार अल्ट्रासाउंड किया है।
मुखबिर ने जो पैसे दिए, वो बरामद हुए
सीएम फ्लाइंग के डीएसपी अजीत सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके तहत उन्होंने एक डमी मरीज को भेजा था। उसने पैसे दिए और अल्ट्रासाउंड करवाया। जो पैसे दिए गए थे, वो बाद में बरामद कर लिए हैं। अल्ट्रासाउंड के दौरान कुछ तकनीकी औपचारिकताएं नहीं की गई हैं। इसमें जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन-
भ्रूण लिंग जांच किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी। तोशाम के एक निजी अस्पताल में रेड की गई है। दो दलालों को 40 हजार रुपये लेते पकड़ा गया है। मामले की जांच की जा रही है। अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई है।
- डॉ. जितेंद्र कादयान, सिविल सर्जन