भिवानी। भिवानी में तैयार हो रहे फैब्रिक और रेडीमेड कपड़ा की बॉलीवुड में भी धूम है। भिवानी में तैयार हो रहे कपड़े का इस्तेमाल खेल जगत के साथ ही फिल्म स्टार भी कर रहे हैं। यही नहीं, भिवानी में चिनार फैब्रिक और चिनार रेडीमेड कपड़ा उद्योग में तैयार होने वाला कपड़ा पड़ोसी मुल्कों समेत कई देशों में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। बता दें कि एक समय में कपड़ा कारोबार में भिवानी के बिरला समूह से जुड़े उद्योग की तूती बोलती थी। समय के साथ इस उद्योग के सिमटने के बावजूद भिवानी का चिनार फैब्रिक उत्तर भारत के चुनिंदा कपड़ा उद्योगों में जगह बनाने में कामयाब रहा है।
भिवानी में हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू रामभजन अग्रवाल ने 1997 में चिनार फैब्रिक कपड़ा उद्योग की स्थापना की थी। इससे पहले भी बाबू रामभजन अग्रवाल कपड़ा उत्पादन उद्योग से जुड़े रहे थे। वर्तमान में चिनार कपड़ा उद्योगों का सालाना टर्न ओवर 100 करोड़ से अधिक का है। इसके अंदर साढ़े पांच सौ से अधिक लोगों का रोजगार भी जुड़ा है।
चिनार फैब्रिक में तैयार होने वाला कपड़ा अपने देश के विभिन्न राज्याें के अलावा मिस्र, सउदी अरब, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल सहित कई अन्य देशों में जाता है। कपड़े की खास बात यह भी है कि यह इतना मुलायम और हल्का है कि पहली नजर में ही यह लोगों की पसंद बन जाता है। यही वजह है कि आज भी फिल्मी और खेल जगत के स्टार इसे पहनना पसंद करते हैं। संवाद
नवीन व सावित्री जिंदल भी नियमित रूप से करते हैं इसका इस्तेमाल
चिनार प्लस के डायरेक्टर मीनू अग्रवाल ने बताया कि फिल्म अभिनेत्री नेहा धूपिया चिनार फैब्रिक में तैयार शूटिंग शर्टिंग कपड़े को काफी पसंद करती हैं। इसका इस्तेमाल भी वह नियमित तौर पर करती हैं। इसी तरह प्रसिद्ध सुंदरी निकिता आनंद भी भिवानी के फैब्रिक कपड़े की कायल हैं। खेल जगत की बात करें तो भिवानी के ही अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज बिजेंद्र सिंह सहित कई स्टार खिलाड़ी भी इस कपड़े का नियमित इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें कोंट पेंट और शूटिंग शर्टिंग दोनों शामिल हैं। योग गुरु रामदेव और आचार्य महाप्रज्ञ भी भिवानी के कपड़ा उद्योग से काफी प्रभावित हैं। वहीं राजनेता भी भिवानी के कपड़े को पहनना पसंद करते हैं। हिसार के उद्योगपति एवं राजनेता नवीन जिंदल व उनकी माता सावित्री जिंदल भी यहां के कपड़ा उद्योग से नियमित रूप से जुड़ाव रखे हुए हैं।
ये कपड़े हो रहे तैयार
भिवानी के चिनार फैब्रिक कपड़ा उद्योग में सूटिंग-शर्टिंग, लीलन, लीलन कॉटन, सफारी, सूट लेंथ तैयार होता है। इसके अलावा चिनार प्लस में कपड़ा से कोट-पैंट, जैकेट, शर्ट एंड पेंट तैयार किए जाते हैं।
चिनार फैब्रिक कपड़ा उद्योग ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। बाबू रामभजन अग्रवाल ने भिवानी में जो कपड़ा उद्योग की बुनियाद रखी थी, उसे अब ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। देश-विदेश में चिनार के विभिन्न कपड़ा उत्पाद बिक्री किए जा रहे हैं। हमारे उत्पादों को खेल जगत के साथ फिल्मी स्टार भी उपयोग कर रहे हैं।
-उज्जवल अग्रवाल, डायरेक्टर, चिनार फैब्रिक औद्योगिक सेक्टर, भिवानी।
चिनार प्लस रेडीमेड कपड़ों का कारोबार कर रहा है। भिवानी में तैयार होने वाले कपड़े से रेडीमेड कपड़े तैयार किए जाते हैं, इसकी डिमांड भी एशिया के कई देशों में बनी है। पूरे देश में भिवानी का कपड़ा जाता है।
- मीनू अग्रवाल, डायरेक्टर, चिनार प्लस औद्योगिक सेक्टर भिवानी।
भिवानी में कभी बिरला समूह से जुड़े कपड़ा मिल की देशभर में प्रसिद्धि थी लेकिन अब बड़े कपड़ा उद्योग सिमट चुके हैं। चिनार फैब्रिक पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू रामभजन अग्रवाल की देन है। इसने अनेक उतार-चढ़ाव के दौर देखे हैं, लेकिन यह आज भी अपने वजूद को बनाए हुए है और देशभर के अलावा विदेशों में भी कपड़े का निर्यात कर रहा है।
- पुरुषोत्तमदास अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर, चिनार कपड़ा उद्योग समूह भिवानी।