भिवानी। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लेघां के पीजीटी फिजिक्स शैलेश कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समर्पण के लिए हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को शिक्षा विभाग के साथ-साथ समाज में भी अनुकरणीय माना गया है।
शैलेश कुमार ने वर्ष 2006 में अतिथि भौतिक प्रवक्ता के रूप में कॅरिअर शुरू किया था। उस समय उनके पास केवल सात विद्यार्थी थे जो दो वर्ष में बढ़कर 72 से अधिक हो गए। विज्ञान के प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने साइंस वैन के माध्यम से जिले के लगभग सभी स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया। उन्होंने 75 पायलट स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत और जिला प्रशासन को एक मंच पर जोड़ने का सफल प्रयोग भी किया।
कोरोना काल में उन्होंने ऑनलाइन कक्षाएं और स्टडी मटीरियल तैयार कर विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाई, जिसके लिए प्रशासन ने 2021 में उन्हें सम्मानित किया। एससीईआरटी गुरुग्राम ने भी एजुसेट पर कक्षाएं लेने के लिए सम्मानित किया। उन्होंने भौतिक विज्ञान का पूरा पाठ्यक्रम यूट्यूब पर निशुल्क उपलब्ध कराया है।
लेघां के सरकारी स्कूल को दिलाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
शैलेश कुमार के मार्गदर्शन में लेघां स्कूल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 2022 में यूएनडब्ल्यूजीआईसी सम्मेलन में उनके विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट ने द्वितीय स्थान हासिल किया और लेघां हरियाणा का पहला सरकारी स्कूल बना। 2025 में वे एनसीईआरटी का स्वर्ण पदक और देश का पहला राष्ट्रीय समृद्धि अवॉर्ड पाने वाले पहले शिक्षक बने। हाल ही में उनके विद्यार्थियों के शोध गिरते भूजल स्तर और अमृत सरोवर योजना को ब्रिक्स सम्मेलन-2026 में आईआईटी तिरुपति में प्रस्तुत किया गया। अब तक वे करीब 4000 शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। उनकी अटल टिंकरिंग लैब को दो बार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है।