हरियाणा की मिट्टी अपनी स्ट्रेंथ और उपजाऊपन के लिए एक अलग पहचान रखती है। प्रदेश के जिले भिवानी की मिट्टी ने इससे अलग अपनी ही एक पहचान बनाई है। यहां की मिट्टी से बनी पिचों पर क्रिकेट के धुरंधर अपना जलवा दिखाते हैं।
भिवानी से सप्लाई हुई मिट्टी से भारत में फिरोजशाह कोटला और धर्मशाला, नेशनल स्टेडियम में क्रिकेट पिच बनाई गई। क्रिकेट पिच के निर्माण के लिए जिले के मुंढाल गांव की मिट्टी की मांग लगातार बढ़ रही है।
यहां से आई डिमांड
ताजा मांग जेपी ग्रुप की ओर से ग्रेटर नोएडा में बन रहे इंटरनेशनल स्टेडियम के लिए आई है। क्रिकेट खिलाड़ी हरभजन सिंह ने अपनी दो क्रिकेट एकेडमी की पिच के लिए ‘मुंढाल-ब्रांड’ मिट्टी का इस्तेमाल किया है। हरभजन लुधियाना के साथ दो और क्रिकेट अकादमी शुरू कर रहे हैं।
दरअसल, अपनी मजबूत स्ट्रेंथ की वजह से इस मिट्टी की मांग ज्यादा है। मिट्टी में बालू की मात्रा नहीं के बराबर है और चिकनाई अच्छी है। मिट्टी के सप्लायर विनोद कुमार ने बताया कि मुंढाल की मिट्टी से धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की पिच तैयार हुई है।
इसके बाद हिमाचल क्रिकेट एसोसिएशन ने ऊना समेत स्टेडियम की पिच भी इसी मिट्टी से तैयार कराई है। फिरोजशाह कोटला, नेशनल स्टेडियम चंडीगढ़ की पिच के निर्माण के लिए यहां की मिट्टी का प्रयोग हुआ है। विनोद के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में फॉर्मूला-वन ट्रैक के बगल में निर्माणाधीन इंटरनेशनल स्टेडियम के लिए जेपी ग्रुप ने संपर्क साधा है।
पिच के लिए बिना खाद की मिट्टी जरूरी
जिस जमीन में खाद का इस्तेमाल कम से कम पांच साल से नहीं किया गया हो और ट्यूबवेल और खारे पानी का इस्तेमाल भी नहीं किया गया हो, ऐसी मिट्टी की स्ट्रेंथ दमदार होती है। विनोद के मुताबिक इस आधार पर मिट्टी का चयन होता है।
चयन के बाद बीसीसीआई की लैब से यह सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे जाते हैं। रिपोर्ट ओके होने के बाद ही पिच के लिए मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी मिट्टी मुंढाल, धनाना और आसपास के गांवों में मिलती है। उन्होंने बताया कि एक पिच के लिए डेढ़ से दो हजार फीट मिट्टी की जरूरत होती है।
भाई के क्रिकेट प्रेम से बने मिट्टी सप्लायर
रणजी खिलाड़ी दिवंगत संजय सिंह के क्रिकेट प्रेम की वजह से विनोद कुमार क्रिकेट पिच निर्माण के लिए मिट्टी के सप्लायर बने। गत जनवरी महीने में एक हादसे में संजय सिंह की मौत हो गई थी। विनोद बताते हैं कि वैसे तो उनका क्रिकेट से कोई वास्ता नहीं लेकिन भाई की वजह से वे क्रिकेट से जुड़े।
सेलेक्शन के बाद मिट्टी का सैंपल हम हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्याल पालमपुर में टेस्टिंग को भेजते हैं। ओके रिपोर्ट आने पर उसी स्पॉट सो मिट्टी उठाई जाती है। काम थोड़ा टिपिकल है और दूसरे के भरोसे नहीं छोड़ा जाता। वैसे क्रिकेट पिच बनाने के लिए भिवानी की मिट्टी अच्छी है।
हमने धर्मशाला स्टेडियम के अलावा हिमाचल प्रदेश के तीन-चार और स्टेडियमों की पिच यहां से मिट्टी मंगवाकर बनवाई है। इस मिट्टी को इस्तेमाल करने पर अच्छे परिणाम सामने आए हैं। - सुनील चौहान, चीफ क्यूरेटर, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन