अगर आपके पास अपने मकान या दुकान का यूनिट नंबर नहीं है, कागजात नहीं है तो भी प्रॉपर्टी टैक्स भरा जा सकेगा। मालिकाना हक का सबूत देकर कोई भी टैक्स चुका सकता है। यदि वह भी नहीं है तो एरिया और प्रॉपर्टी का साइज बताकर सेल्फ असेसमेंट से टैक्स भरा जा सकता है। इस सुविधा के साथ शर्त यह रहेगी कि टैक्स की रसीद को रजिस्ट्री या अन्य किसी तरह किसी सरकारी प्रूफ के तौर पर प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इसके प्रूफ के तौर पर प्रयोग करने से पहले नगर परिषद को मालिकाना हक के कागजात दिखाने होंगे।
दरअसल, शहर में प्रॉपर्टी का सर्वे नहीं हुआ है। पिछले करीब 10 वर्षों में शहर में बने भवनों मकानों, दुकानों का कोई यूनिट नंबर नहीं है। सर्वे नहीं होने के कारण ही नगर परिषद ने यह निर्णय लिया है। वर्ष 2012 में सर्वे शुरू किया गया था मगर बीच में ही रोक दिया गया। किए गए सर्वे को ही कंप्यूटराइज्ड करने का काम शुरू किया तो इस हेरफेर में काफी रिकार्ड भी इधर-उधर हो गया। जिस कारण समस्या बनी। इसके अलावा समस्या बनी कि नगर परिषद में पुरानी रसीदें भी गुम हो गई। अब नप के पास अधिकतर भवनों का कोई रिकार्ड नहीं है कि किसने कब टैक्स भरा। अधूरे सर्वे को पिछले कार्यकारी अधिकारी मनेंद्र सिंह ने सिरे से रद करते हुए नया सर्वे कराने का निर्णय लिया। सर्वे के लिए प्रपोजल प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी भेजा गया ताकि शहर में प्रॉपर्टी का सर्वे हो सके और लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी हो सके। वह सर्वे करवाते उससे पहले ही उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।
नगर परिषद के वर्तमान कार्यकारी अधिकारी हरदीप सिंह सर्वे पर विचार करते उससे पहले ही नगर परिषद के चुनाव घोषित कर दिए गए। अब नगर परिषद अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि यूनिट नंबर नहीं होने या अन्य कागजात के अभाव में भी सेल्फ असेसमेंट से प्रॉपर्टी टैक्स भरा जा सकता है। मगर रसीद बुक में अब लिखवाया जा रहा है कि इस रसीद को मलकियत प्रूफ के तौर पर प्रयोग नहीं किया जा सकता। अगर वह मलकियत प्रूफ देता है तो ही रिकार्ड अपडेट किया जाएगा। यह निर्णय प्रॉपर्टी टैक्स रसीद का मिस यूज रोकने के लिए किया गया है।
जब्त होगी राशि, दर्ज होगा मुकदमा
अगर कोई बिना यूनिट नंबर, कागजात के प्रॉपर्टी टैक्स भरता है और मलकियत का प्रूफ बाद में नहीं दे पाता है तो उसके द्वारा जमा कराई गई राशि जब्त कर ली जाएगी। साथ ही अन्य कोई उस प्रॉपर्टी की मलकियत दिखाता है तो धोखाधड़ी करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।
दिया जाएगा वैकल्पिक यूनिट नंबर
बिना यूनिट नंबर के प्रॉपर्टी टैक्स भरने के समय रसीद में ही वैकल्पिक यूनिट नंबर दिया जाएगा। यह यूनिट नंबर भविष्य में होने वाले सर्वे के दौरान उक्त प्रॉपर्टी के मालिक को नप अधिकारियों, कर्मचारियों को दिखाना होगा ताकि उसकी प्रॉपर्टी को भी यूनिट नंबर मिल सके।
सर्वे नहीं होने के कारण दी यह सुविधा
लंबे समय से सर्वे नहीं होने के कारण काफी प्रॉपर्टी या भवन पर यूनिट नंबर नहीं है। ऐसी प्रॉपर्टी के लोग भी प्रॉपर्टी टैक्स भर सके, उनके लिए यह प्रावधान किया गया है कि वे मलकियत का कोई प्रूफ दिखाकर टैक्स भर सकते है। अगर मौके पर मलकियत का प्रूफ नहीं है तो बाद में दिखा सकते है। ऐसी स्थिति में रसीद में अलग से लिखा होगा कि इस रसीद को रजिस्ट्री में सबूत के तौर पर प्रयोग नहीं किया जा सकता।
हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद