सूचना देने में देरी और पूरी जानकारी नहीं देने पर डीएसपी पर दो हजार रुपये जुर्माना किया गया है। एक महीने में जुर्माना भरने और सही जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए है।
भिवानी के विजय नगर कालोनी निवासी संजीव कुमार ने आरटीआई लगाई थी। उन्होंने बताया कि उसने दिसंबर 2014 में अपना सूचना आवेदन एसपी कार्यालय के एसपीआईओ-कम-डीएसपी को भेजा था। एसपीआईओ ने कुछ सूचनाएं तो उसे प्रदान कर दी परंतु कुछ नहीं दी। जिस पर जनवरी 2015 में उसने पुलिस अधीक्षक को अपील की थी। सूचनाएं न मिलने पर उसने फरवरी 2015 में सूचना आयोग में अपील की थी, जिसकी जून 2015 में सुनवाई हुई। केस में सूचना आयुक्त उर्वशी गुलाटी के आदेश के बाद एसपीआईओ ने शेष सूचनाएं उसे विलंब से प्रदान कर दी थी, परंतु एक सूचना फिर भी प्रदान नहीं की। इस पर उसने अगस्त और सितंबर 2015 में सूचना आयोग को दो बार अलग-अलग पुन: अपील की। जिसपर आयोग ने दिसंबर 2015 में एसपीआईओ को तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया, परंतु एसपीआईओ ने शेष सूचना उसे प्रदान नहीं की। संजीव कुमार ने बताया कि सितंबर 2015 की उसकी इस अपील पर एसपीआईओ द्वारा सूचना न देने पर राज्य सूचना आयोग ने इस साल छह अप्रैल को एसपीआईओ -कम- डीएसपी हेडक्वार्टर को शो-कॉज नोटिस जारी किया था कि उन पर 25 हजार का अधिकतम जुर्माना क्यों न लगाया जाए, जिसमें इस साल 3 मई को सुनवाई हुई थी। जिस पर सूचना आयुक्त उर्वशी गुलाटी ने अब जुर्माने के आदेश दिए है।