भिवानी में 10 दिन से जल संकट से जूझ रहे शहर वासियों को अब कुछ घंटों में ही राहत मिल जाएगी। नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ घंटों में नहर आ जाएगी। मगर यह राहत कितनी होगी यह कहना मुश्किल है। क्योंकि नहर में कम पानी आने की संभावनाएं जताई जा रही है।
पिछले 10 दिन से जल संकट शहर वासियों और ग्रामीणों के लिए परेशानी बना है। शहर में 18 ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई की जा रही है तो गांवों में भी ट्यूबवेल चलाकर ही पानी की आपूर्ति हो रही है। सेक्टरों में तो एक दिन छोड़ एक दिन पानी की सप्लाई की जा रही है। जल संकट का कारण बनी नहर आने में देरी। नहर का पिछले 10 दिन से बेसब्री से इंतजार हो रहा है। पहले नहर 24 दिसंबर को आनी थी, फिर 26 दिसंबर को संभावित बताई गई। मगर नहर नहीं आई। जिसके बाद एक जनवरी को नहर में पानी आने की बात कही गई मगर एक को भी पानी नहीं मिला। अब एक की देर रात या दो जनवरी को नहर में पानी आने की पूरी संभावना है। मगर यहां चिंता की बात यह है कि संभावना है कि नहर में पूरा पानी न आए। शुरूआत दो या तीन दिन पूरे प्रेशर से पानी आ सकता है और आखिरी के दो दिन। बीच में पानी का प्रेशर और स्तर कम रहने की संभावना है। ऐसे में अब टैंक कितने भर पाते है इसी पर विभाग अधिकारियों की नजर है।
सेक्टरों में गंभीर समस्या, टैंकरों से हो रहा पानी सप्लाई
सेक्टरों में पेयजल संकट ज्यादा गहरा हुआ है। यहां सेक्टरों की पेयजल आपूर्ति के लिए दो टैंक है। मगर एक टैंक को सफाई के चलते खाली कर दिया गया और दूसरे में पानी बहुत कम था। सभी को उम्मीद थी कि 24 को नहर आएगी और टैंक भर जाएंगे मगर ऐसा नहीं हुआ। नहर में पानी नहीं आने के कारण सेक्टरों में पिछले करीब सप्ताहभर से एक दिन छोड़ एक दिन सप्लाई की जा रही है मगर कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां दो से तीन दिन तक सप्लाई नहीं आई। अब भी टैंक में इतना ही पानी है कि एक दिन की सप्लाई बमुश्किल हो सकती है।
ग्रामीणों को अभी सप्ताहभर और करना होगा इंतजार
शहर वासियों के लिए नहर में पानी चंद घंटों में आने की बात कही जा रही है मगर ग्रामीणों को अभी भी पेयजल संकट से निजात के लिए इंतजार करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नौ या 10 जनवरी तक नहर में पानी आएगा। फिलहाल कौंट, उमरावत, अजीतपुर, ढाणा नरसान, ढाणा लाडनपुर आदि दर्जनभर से अधिक गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है।