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1600 स्ट्रीट लाइट खराब, अंधेरे में डूबा शहर

Sat, 16 Jul 2016 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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खराब - फोटो : अमर उजाला
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भिवानी शहर में लगी 1630 के लगभग स्ट्रीट लाइटें बिल्कुल खराब हो चुकी है और न जलने की संभावना है न ठीक होने की। ऐसे में शहर का बहुत बड़ा भाग अंधेरे में डूबा है। अब बिजली रिपेयरिंग का ठेका खत्म होने के बाद हालात अधिक बदतर हो गए हैं। नगर परिषद ने शहर की सभी 65 सौ लाइटें बदलने का प्रपोजल शहरी निकाय निदेशालय भेजा है।

स्ट्रीट लाइटें हमेशा ही शहर वासियों के लिए परेशानी रही है। शहर की कॉलोनियों में करीब चार-पांच साल पहले स्ट्रीट लाइटें कुछ एरिया में बदली गई, जो अब बिल्कुल डैमेज हो चुकी है। शहर के हरेक वार्ड में अंधेरे में डूबी गलियां है। यहां स्ट्रीट लाइटों के फ्रेम तो लगे है मगर उनमें ट्यूबलाइट नहीं। बिजली रिपेयरिंग काम का ठेका खत्म होने के बाद अब हालात ज्यादा खराब हो गए है। नप अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार शहर में लगी करीब 65 सौ स्ट्रीट लाइटों में से करीब 1630 लाइटें खराब है। ऐसे में शहर का रात के समय क्या हाल होगा अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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प्रशासनिक अधिकारियों, नगर परिषद अधिकारियों ने पिछले वर्ष स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने के लिए रात को भी निरीक्षण किया और ठेकेदार को करीब पांच-छह बार जुर्माना लगाया गया। अब पिछले करीब आठ-नौ माह से निरीक्षण का काम पूरी तरह ठप है और शहर अंधेरे में डूबा है। नगर परिषद के सर्वे के अनुसार हरेक वार्ड में कम से कम 25 से 30 लाइटों की तुरंत आवश्यकता है ताकि अंधेरे पर कुछ काबू पाया जा सके। इनके अलावा शहर के मुख्य मार्गों को रोशन करने के लिए भी सैकड़ों लाइटें चाहिए।

शास्त्री नगर से जूई नहर तक 30 लाइट, 25 खराब
शास्त्री नगर से जूई नहर तक 30 लाइटें लगी है। उनमें से 25 लाइटें खराब है। वे भी पिछले करीब तीन साल से। ऐसा ही हाल शहर की अन्य कुछ कॉलोनियों का भी है। दो-तीन दफा ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में भी मसला रखा गया। आखिरकार कब मंत्री ने उपायुक्त को विशेषतौर पर यहां स्ट्रीट लाइटें लगवाने की हिदायत दी है। मंत्री ने इस एक कॉलोनी के लिए तो हिदायत दे दी मगर शहर की बाकी कॉलोनियों का।

यहां 15 लाइटें ठप तो 15 दिन के उजाले में भी देती है रोशन
शहर की विजय नगर कॉलोनी। नगर परिषद की यहां करीब 30 लाइटें लगी है। इनमें से 15 लाइटें ठप है तो 15 लाइटें ऐसी है जो सूर्य की रोशनी में भी लोगों को रास्ता दिखाती है यानी दिनभर जलती रहती है। स्थानीय लोगों ने इस बारे में नगर परिषद के अधिकारियों को लिखित में भी शिकायत की मगर कोई समाधान नहीं हुआ। संजय परमार, विरेंद्र टोनी ने बताया कि लाइटें दिनभर जलती रहती है।

पूरे शहर में एलईडी लाइट का प्रपोजल, मांगी 65 सौ लाइटें
इस बार सरकार ने नगर परिषद या जिला प्रशासन के माध्यम से स्ट्रीट लाइटें खरीदने की बजाए मुख्यालय पर ही एलईडी लाइटें खरीदने का निर्णय लिया। निर्णय के तहत नगर परिषद भिवानी से रिक्वायरमेंट मांगी गई थी। नप कर्मचारियों ने सर्वे करते हुए 65 सौ लाइटों की रिक्वायरमेंट भेजी है। अब मुख्यालय में एलईडी लाइटों की खरीद होने के बाद ही नगर परिषद के पास लाइटें आएंगी।
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काफी स्ट्रीट लाइटें खराब है। पूरे शहर की ही स्ट्रीट लाइटों की जगह एलईडी लाइटें लगाने का प्रपोजल है। इस बार सरकार एलईडी लाइटें खरीद रही है और भिवानी के लिए 65 सौ लाइटों की जरूरत का प्रपोजल तैयार कर भेजा गया है।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद

 
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