भिवानी में जाट आंदोलन का असर परिवहन सेवा पर दिखने लगा है। रोडवेज विभाग को अपने बेडे़ की सात बसें पुलिस फोर्स को गश्त के लिए देनी पड़ी हैं। नतीजतन, महकमे को चार रूट पर बसें बंद करनी पड़ी। अनुमानित 25 से 30 गांवों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है।
पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने व ले जाने के लिए रोडवेज विभाग को अपनी सात बसें देनी पड़ी। पहले करीब 12 बसें दी गई थी। अब भिवानी डिपो की करीब छह बसें और तोशाम सब डिपो की एक बस पुलिस फोर्स के लिए दी गई है। हालांकि रोडवेज प्रशासन कर्मचारियों की छुट्टी रद कर व वर्कशॉप में खड़ी कुछ एडिशनल बसें चलाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहा है। लेकिन, इसके बावजूद भी कई रूट पर परिवहन सेवा पंगु होकर रह गई।
इन रूट पर ठप हुई परिवहन सेवा
पहले ही बसों व स्टाफ की कमी झेल रहे भिवानी डिपो से ये बसें व कुछ कर्मचारी जाने के बाद समस्या बढ़ गई है। बसों की कमी के कारण कुछ रूट खासे प्रभावित हुए है। जिनमें भिवानी-दादरी रूट के विभिन्न गांव प्रमुख है, जिनमें बसें गांवों से होकर जाती थी। सायं पांच बजे भिवानी-ढिगावा जाने वाली बस सेवा बंद हो गई है। भिवानी से वाया अचीना, राणीला, झींझर आदि गांवों से होकर दादरी जाने वाली बस सेवा बंद कर कर दी गई है। नियमित बसें गांवों से होकर जाने की बजाए मुख्य मार्ग से सीधे भिवानी-दादरी जाती है। ऐसे में लिंक मार्गों पर पडने वाले गांव जहां पहले बसें वाया जाती थी, उन्हें खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसी तरह सायं साढ़े छह बजे भिवानी से हांसी जाने वाली बस सेवा भी बंद कर दी गई है। तोशाम सब डिपो से हिसार जाने वाली बस भी अब पुलिस कर्मचारियों की सेवा में है।
रोडवेज बसों के लिए सुरक्षित ठिकाने
आरक्षण आंदोलन में पिछले वर्ष कई रोडवेज बसों को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया था। 10 बसें अकेले तोशाम में जला दी गई। इस बार ऐसा कोई नुकसान न हो इसके लिए रोडवेज कर्मचारी पहले ही बसों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ी कर रहे है। पहले जो बस धारवानवास में खड़ी की जाती थी, वह अब कैरू चौकी के पास खड़ी की जा रही है। इसी तरह कुछ अन्य बसों को भी रात को अप्रिय घटना की आशंका के चलते सुरक्षित स्थानों पर खड़ा किया जा रहा है।
छुट्टियां रद, वर्कशॉप में खड़ी बसें चलाने की तैयारी
सरकार के निर्देश के बाद जाट आरक्षण आंदोलन के चलते सभी रोडवेज ड्राइवर, कंडेक्टर की छुट्टियां रद कर दी गई है। जिसके चलते छुट्टियों पर गए कर्मचारी लौट आए है। कुछ कर्मचारी जो बीमारी, शादी कार्यक्रम या अन्य कार्यों के चलते छुट्टी पर है वे ही नहीं लौटे है। अब लौटे कर्मचारियों की सहायता से प्रभावित हुए रूटों पर बसें चलाने की प्लानिंग बनाई जा रही है। पुलिस प्रशासन को सौंपी बसों के साथ चालक भी गए है। भिवानी डिपो में करीब 124 बसें है।
भिवानी डिपो की छह बसें पुलिस प्रशासन को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस जवानों को इधर-उधर लाने-ले जाने के लिए दी गई है। अचीना, झींझर आदि गांवों से होकर जाने वाली भिवानी-दादरी बस सेवा बंद की गई है। इसके अलावा भी कुछ रूट प्रभावित हुए है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी गई है और उनसे व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- दयाराम, डीआई, रोडवेज डिपो भिवानी