भिवानी में नियमों को ताक पर रखकर बने 22 भवनों पर कार्रवाई की फाइल करीब सालभर बाद दोबारा खुल सकती है। नगर परिषद अधिकारियों ने अब इन 22 भवनों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद इस सप्ताह इन भवनों पर कार्रवाई की पूरी संभावना है।
शहर में नियमों को ताक पर रखकर बने 22 भवनों का मामला पिछले दो साल से चल रहा है। शहर के मुरारीलाल गुप्ता ने इसकी शिकायत लोकायुक्त को की। लोकायुक्त की अनुशंसा पर तत्कालीन शहरी निकाय निदेशालय निदेशक ने जांच की तो पाया कि वास्तव में इन 22 भवनों के निर्माण में नियमों की अवहेलना की गई है। किसी ने नक्शा पास नहीं करवाया तो किसी ने घरेलू का नक्शा पास करवाकर कामर्शियल प्रयोग किया। कुछ ऐसे भी है जिन्होंने एक या दो फ्लोर का नक्शा पास करवाया और बना ली
तीन से चार मंजिल।
मार्च 2015 में लोकायुक्त की अनुशंसा पर शहरी निकाय निदेशालय निदेशक ने नगर परिषद को इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। स्थानीय अधिकारियों ने नोटिस भेजे और तोड़फोड़ के नाम पर खानापूर्ति की। पिछले करीब एक साल से इन 22 भवनों की फाइल बिल्कुल बंद है। नप अधिकारी कभी पुलिस फोर्स नहीं मिलने की बात कहते रहे तो कभी संसाधनों की कमी, कर्मचारियों की कमी का हवाला देते रहे। अब नगर परिषद अधिकारियों ने इन 22 भवनों पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है और इस सप्ताह इन पर कार्रवाई हो सकती है। अब विचार-विमर्श यह हो रहा है कि नोटिस दोबारा दिए जाए या पहले दिए हुए नोटिस के आधार पर ही सीधे कार्रवाई की जाए।
नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए 22 भवनों पर कार्रवाई की जाएगी। इस सप्ताह ही कार्रवाई की जाएगी। अभी यह देखना है कि नोटिस दिए जाए या पहले दिए नोटिस के आधार पर कार्रवाई की जाए।
दीपक सूरा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद भिवानी